पूर्व दस्यु सम्राट मलखान सिंह को शिवपाल की पार्टी ने दिया टिकट, इस सीट से लड़ेंगे चुनाव
Lucknow News, लखनऊ। बुंदेलखंड (Bundelkhand) में दहशत का दूसरा नाम रहे चंबल के दस्यु सम्राट मलखान सिंह (Malkhan Singh) को शिवपाल सिंह की पार्टी प्रसपा ने उम्मीदवार बनाया है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने दस्यु सम्राट मलखान सिंह को धौरहरा लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। इससे पहले पुलवामा आतंकी हमले से आहत दस्यु सम्राट मलखान सिंह ने कहा था कि एमपी में 700 बागी बचे हैं। अगर सरकार चाहे तो बिना शर्त, बिना वेतन के हम अपने देश के लिए बॉर्डर पर लड़ने-मरने को तैयार हैं।

प्रसपा ने दिया टिकट
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में भी उम्मीदवार उतारे है। प्रसपा ने लखनऊ से डॉ. रमेश कुमार ठुकराल प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा, धौरहरा लोकसभा सीट से दस्यु सम्राट मलखान सिंह, बांदा से सुनीता देवी, कौशाम्बी से राजदेव, गोंडा से कुतुबुद्दीन खान उर्फ डायमण्ड, बॉसगांव से सुरेंद्र प्रसाद भारती और जौनपुर से संगीता यादव (डॉ. आर. एस. यादव के स्थान पर) चुनावी मैदान में हैं। वहीं, महाराष्ट्र की औरंगाबाद सीट के लिए कुंज बिहारी जुगल किशोर अग्रवाल, मध्य प्रदेश के मोरैना से धारा शर्मा और कर्नाटक के बेल्लागवी से दयानंद चिक्कामट को प्रत्याशी बनाया हैं।

भाजपा से मांग रहे थे टिकट
दस्यु सम्राट मलखान सिंह भारतीय जनता पार्टी (BJP) से टिकट मांग रहे थे। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिला तो वह कांग्रेस या दूसरे दलों से टिकट लेकर चुनाव लड़ेंगे। भाजपा का समर्थन करने वाले व विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा का प्रचार-प्रसार करने वाले मलखान सिंह कई बार मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह के साथ मंच भी साझा करते नजर आये थे और तभी यह अंदाजा हो गया था कि आने वाले समय में मलखान सिंह भी सक्रिय राजनीति में उतरेंगे।
ये भी पढें:- धौरहरा लोकसभा क्षेत्र का प्रोफाइल, जहां से दस्यु सम्राट मलखान सिंह लड़ रहे हैं चुनाव

कौन हैं मलखान सिंह
70-80 के दशक में बुंदेलखंड से लेकर एमपी के जंगलों तक मलखान सिंह के खौफ से पुलिस भी थर्राती थी। 6 फिट लंबे, बड़ी मूंछे, गुस्से से लाल आंखे और रौबदार चेहरा से डरावनी आवाज सुनकर लोग कांप उठते थे। हर वक्त कंधे में लोडेड बंदूक और हाथ में हेली लाउडस्पीकर होता था। मलखान सिंह ने कितनी हत्या की कितना अपराध किया इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा पाया करता था। लिखित तौर पर मलखान सिंह के उपर 32 पुलिस कर्मियों सहित 185 हत्याओं का आरोप था। लंबे समय तक मलखान ने बीहडों पर राज किया और उसे चंबल का शेर कहा जाता था। हालांकि 1980 में मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के सामने मलखान सिंह ने अपनी गैंग के साथ सरेंडर कर दिया था।












Click it and Unblock the Notifications