हनुमान पांडेय के एनकाउंटर पर पिता ने उठाए सवाल, कही ये बात
लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने रविवार की सुबह राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पांडेय को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। राकेश उर्फ हनुमान पांडेय एक लाख रुपए का इनामी बदमाश था और बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपी था। हनुमान पांडेय के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उसके पिता ने यूपी एसटीएफ की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए है। हनुमान पांडेय के पिता के मतुबाकि, उसे लखनऊ स्थित आवास से शनिवार की रात तीन बजे एसटीएफ ने उठाया था।
Recommended Video

घर से ले जाकर मार दिया
आर्मी से सेवानिवृत्त बालदत्त पांडेय ने यूपी एसटीएफ की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंनें कहा कि उनके बेटे हनुमान पर कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हनुमान पांडेय के पिता ने कहा एसटीएफ उसे लखनऊ स्थित आवास से शनिवार की रात तीन बजे उठाकर ले गई और एनकाउंटर कर दिया। उनका बेटा अपनी मां का लखनऊ में इलाज करा रहा था। इसी को लेकर आता जाता रहा। एक लाख का इनाम कब घोषित हुआ। कभी मामला सामने नहीं आया। ज्यादातर केस से वह बरी हो गया था और बाहर था।

मुख्तार के शूटर हनुमान पांडेय की मऊ पुलिस को भी थी तलाश
मुख्तार गैंग के शूटर राकेश उर्फ हनुमान पांडेय पर मऊ जिले के भी कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज थे। इसमें ठेकेदार मन्ना सिंह और उनके मुनीम राम सिंह मौर्य हत्याकांड का मामला प्रमुख है। पुलिस रिकॉर्ड में राकेश पांडेय डी-5 गैंग का सक्रिय सदस्य था। बताया जाता है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद राकेश पांडेय मुख्तार अंसारी गैंग का बड़ा शूटर बन गया था। वहीं, लखनऊ में पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।

एक महीने पहले राकेश व पत्नी का शस्त्र हुआ था जब्त
जिले की पुलिस ने कुख्यात हनुमान की पत्नी सरोजलता पांडेय की वर्ष 2005 में अपने पति हनुमान की अपराधिक गतिविधियों को छुपाकर बंदूक का लाइसेंस बनवाने के मामले में दोषी पाते हुये लाइसेंस निरस्त कर हनुमान पांडेय पर भी केस दर्ज किया। इसके बाद उसकी तलाश शुरू कर दी। नहीं मिलने पर जिले की पुलिस इनाम घोषित कर तलाश रही थी। लेकिन वो पुलिस के हाथ नहीं लग सका था।












Click it and Unblock the Notifications