जालौन: CM योगी ने डिप्टी एसपी भगवान सिंह को किया बर्खास्त, 16 साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड में पाए गए थे दोषी
deputy sp bhagwan singh sacked: लखनऊ। जालौन जिले में 16 वर्ष पूर्व ट्रिपल मर्डर केस में सीओ भगवान सिंह को सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह बर्खास्ती की कार्यवाही कोर्ट के दोषी पाए जाने के बाद हुई है। हालांकि, सीओ भगवान सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त किए जाने की लिखित सूचना जिला पुलिस के पास अभी तक नहीं आई है।

क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक फरवरी 2004 को कोंच कोतवाली में पुलिस की फायरिंग में समाजवादी पार्टी के नेता सुरेंद्र निरंजन, रोडवेज कर्मचारी यूनियन के नेता उनके भाई महेंद्र और मित्र दयाशंकर झा निवासी गांधी नगर की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हुए थे। उस समय भगवान सिंह कोंच कोतवाली में दरोगा थे। सुरेंद्र के बहनोई जबर सिंह ने दरोगा भगवान सिंह समेत नौ पुलिसकर्मियों पर हत्या, जानलेवा हमला, बलवा व आगजनी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत हो गई थी।
नवंबर 2019 कोर्ट ने माना था दोषी, सुनाई थी उम्रकैद की सजा
पिछले वर्ष 7 नवंबर को अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी भगवान सिंह, पुलिस कर्मी लालमणि गौतम, राकेश बाबू कटियार, अखिलेश यादव, रामनरेश त्यागी व सत्यवीर सिंह व एक अन्य को दोषी करार दिया। 8 नवंबर सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बता दें कि सजा से पहले वो निरीक्षक से पदोन्नति पाकर पुलिस उपाधीक्षक बन गए थे और उन्हें कानपुर नगर में तैनाती दी गई थी। हालांकि, सजा सुनाए जाने के बाद ही उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब शासन ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
परिजन बोले, सरकार का सही फैसला
निलंबित चल रहे सजायाफ्ता सीओ भगवान सिंह को सेवा से बर्खास्त करने के फैसले पर मृतकों के परिजनों ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि ऐसे लोगों को नौकरी में रहने का अधिकार नहीं है। पहले कोर्ट से न्याय मिला अब सीएम ने सही फैसला लिया है। वहीं, दयाशंकर झा के बेटे ऋषि झा ने कहा कि बर्खास्तगी के फैसले से ऐसे पुलिसकर्मियों को सबक मिलेगा जो यह सोचते हैं कि वर्दी की आड़ वह कुछ भी कर सकते हैं। महेंद्र के बेटे अंकित ने कहा कि जो खोया है उसकी भरपाई तो नहीं हो सकती लेकिन सरकार के फैसले से संतोष जरूर मिला है।












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