69000 शिक्षक भर्ती मामला: पुलिस ने 11 लोगों को किया गिरफ्तार, DGP ने एसटीएफ को सौंपी जांच
लखनऊ। यूपी के परिषदीय स्कूलों में 69000 शिक्षकों की भर्ती में हुए घोटाले पर कांग्रेस, सपा और बसपा यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमलावर हैं। इसी बीच यूपी सरकार भी इस घोटाले पर एक्शन में दिखाई दी। सरकार के आदेश के बाद पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड डॉ केएल पटेल समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में डीजीपी एचसी अवस्थी ने एसटीएफ को मामले की जांच सौंपने का आदेश दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर यूपी सरकार को 37339 पदों को होल्ड करने का आदेश दिया।
Recommended Video

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि सहायक शिक्षक भर्ती मामला में एक शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद पुलिस ने लगभग 11 लोगों को गिरफ्तार किया। ये गिरोह पंचम लाल आश्रम उच्चतर माध्यमिक स्कूल प्रयागराज से साठ गांठ कर परीक्षार्थियों की गैर कानूनी ढंग से मदद कर उनसे पैसे की वसूली करता था। बताया कि यह पूरा मामला अब एसटीएफ को सौंप दिया गया है। परीक्षा केंद्र को भविष्य में होने वाली किसी भी भर्ती परीक्षा के लिए डिबार किया जाता है। उसके प्रबंधक और संबंधित स्टाफ जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
व्यापमं घोटाले में सामने आया है नाम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस इस गिरोह के कई लोगों को गिरफ्तार कर अब तक जेल भेजा जा चुका है। मामले में अब पुलिस का शिकंजा सफल अभ्यर्थियों पर भी कसने लगा है। पुलिस ने टॉपर समेत 2 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस के रडार पर 50 से ज़्यादा सफल अभ्यर्थी हैं। अभ्यर्थियों पर गिरोह को 8 से 10 लाख रुपए देकर भर्ती परीक्षा में पास होने का आरोप है। वहीं, पुलिस की पूछताछ में अब तक गिरोह ने 50 से ज़्यादा अभ्यर्थियों को पास कराने की बात कबूली है। पुलिस अफसरों को आशंका है कि सैकड़ों अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया है। पैसे लेकर भर्तियां कराने में झांसी में तैनात मेडिकल अफसर का अहम रोल रहा है। केएल पटेल नाम का ये मेडिकल आफिसर जिला पंचायत का सदस्य भी रहा चुका है। यही नहीं मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले में भी इसका नाम रहा है, ये कई कॉलेजों का संचालक भी बताया जाता है।












Click it and Unblock the Notifications