'सत्ताईस के सत्ताधीश' के बाद अब लखनऊ में लगा 'खेवनहार' पोस्टर, BJP से नाराज हैं संजय निषाद?
Uttar Pradesh Politics News: उत्तर प्रदेश में उपचुनाव का ऐलान हो चुका है और सभी राजनीतिक दल अपने अपने स्तर से चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। इधर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पोस्टर वार देखने को मिल रहा है। अखिलेश यादव के बाद अब संजय निषाद का पोस्टर सामने आया है।
समाजवादी पार्टी द्वारा पिछले दिनों 'सत्ताईस के सत्ताधीस' पोस्टर लगा हुआ था। आप निषाद पार्टी द्वारा 'सत्ताईस के खेवनहार' लिखा पोस्टर लखनऊ में सड़कों के किनारे लगाया गया है। लखनऊ में करीब 400 स्थान पर ऐसा पोस्टर लगाया गया है।

उत्तर प्रदेश उपचुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी जहां 9 में से 8 सीटों पर चुनाव लड़ रही है वहीं एक सीट आरएलडी को दिया गया है। इसके अलावा निषाद पार्टी दो सीटों पर दावेदारी कर रही थी लेकिन निषाद पार्टी को कोई सीट नहीं दी गई।
इसी बीच निषाद पार्टी द्वारा लखनऊ की सड़कों किनारे 'सत्ताईस के खेवनहार' लिखा हुआ पोस्टर लगाए जाने के बाद इस पोस्टर के कई मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि सीट न मिलने के चलते संजय निषाद नाराज चल रहे हैं।
2027 विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी ही नैया पर लगाएगी। अब देखना यह होगा कि निषाद पार्टी भारतीय जनता पार्टी की नाव पार लगवाती है या फिर एनडीए गठबंधन से किनारे होकर किसी इंडिया गठबंधन की नैया की खेवनहार बनती है। कुल मिलाकर इस पोस्टर पर चलते सियासत गरमा गई है।
हालांकि इस बारे में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद द्वारा मीडिया को बताया गया की पोस्टर लगाए जाने के बारे में उनकाे कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा या पोस्टर लगाया गया है।
दिल्ली तक दौड़ लगाने के बाद भी नहीं मिला टिकट
दरअसल, उत्तर प्रदेश में उपचुनाव के दौरान निषाद पार्टी द्वारा मझवां और कटेहरी विधानसभा सीट की मांग की जा रही थी। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी चुनाव प्रचार में लगे हुए थे। सीट के लिए निषाद पार्टी सुप्रीमो और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद दिल्ली भी गए। उन्होंने जेपी नड्डा और अमित शाह से मुलाकात भी की बावजूद इसके उपचुनाव में उनकी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली।
इसके अलावा पूर्व में भी कैबिनेट मंत्री संजय निषाद द्वारा यह कहा गया था कि भारतीय जनता पार्टी अपने सहयोगी दलों के साथ कोई बैठक नहीं की है। अब ऐसे में उपचुनाव के दौरान पार्टी को एक भी सीट न मिलने और लखनऊ में 'सत्ताईस के खेवनहार' लिखा पोस्टर लगाए जाने के बाद सियासत गरमा गई है।












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