आशीष मिश्रा की जमानत याचिका का SC में यूपी सरकार ने किया विरोध, कहा- 'यह गंभीर श्रेणी का अपराध'

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आज आशीष मिश्रा की जमनात याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसका यूपी सरकार ने विरोध करते हुए कहा कि यह अपराध गंभीर श्रेणी का है।

Ashish Mishra bail petition in Supreme court

Lakhimpur kheri: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत पर आज यानी गुरुवार (19 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान यूपी सरकार ने आशीष मिश्रा की जमानत का विरोध करते हुए कहा, 'अपराध गंभीर श्रेणी का है और ऐसे में आरोपी को जमानत देना समाज पर बुरा असर डाल सकता है। सरकार ने कोर्ट में कहा कि 'इस मामले में ट्रायल शुरू हो गया है। कुछ और आरोपी भी जेल में हैं।'

बता दें, लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशीष मिश्रा की जमानत याचिका का विरोध करने वाले लोगों की तरफ से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे कोर्ट में पेश हुए। दुष्यंत दवे ने भी कहा कि आरोपी को जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा। हालांकि, इस बात पर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया और कहा कि क्या हम मूकदर्शक बने रहें? फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

दूसरी तरफ आशीष मिश्रा के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि आशीष पिछले 01 साल से जेल में है। एक बार उनको जमानत मिली फिर सुप्रीम कोर्ट ने बेल खारिज कर दी थी। मुकुल रोहतगी ने कहा कि इस मामले में 400 से ज्यादा गवाह हैं जिनका बयान होना बाकी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए तो पांच साल तक ट्रायल ही चलेगा, ऐसे में मेरे क्लाइंट का क्या होगा? कहा कि दूसरी FIR में आरोपों को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया गया है और इस मामले में अभी तक कोई चश्मदीद गवाह भी सामने नहीं आया।

इस मामला में यूपी सरकार के एडिशनल एडवोकेट जनरल गरिमा प्रसाद ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ को बताया कि 4 आरोपियों की जमानत की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में चल रही है। कहा कि आशीष मिश्रा को जमानत पर न छोड़ा जाए। इसपर जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा कि जमानत के विरोध के पीछे आपकी अप्रिहेंशन क्या हैं? इस पर यूपी सरकार के वकील ने कहा कि अपराध गंभीर श्रेणी का है और आरोपी को जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

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    क्या है लखीमपुर हिंसा मामला?
    लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर 2021 को नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान सड़क पर उतर आए थे। आरोप है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ने तिकोनिया में प्रदर्शन कर रहे किसानों को जीप से रौंद दिया था। इसके बाद हिंसा भड़क गई थी और चार किसान समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में आरोपी आशीष मिश्रा जेल में बंद है। जमानत के लिए आरोपी आशीष मिश्रा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी लेकिन बीते साल जुलाई में दिए अपने फैसले में हाईकोर्ट की आशीष मिश्रा की जमानत याचिका का खारिज कर दिया था।

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