'लखीमपुर खीरी मामले में सामने आएं चश्मदीद, हम देंगे सुरक्षा', SIT ने नंबर जारी कर की अपील
लखीमपुर खीरी, 27 अक्टूबर: 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनियां में हुए बवाल मामले में मंगलवार 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनावई हुई। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश की कार्यशैली से एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट नाखुश जाहिर की। जिसके बाद प्रदेश की योगी सरकार और इस मामले की जांच कर रही एसआईटी हरकत में आ गई है। एसआईटी ने नंबर जारी करते हुए अपील की है कि घटना के चश्मदीद गवाह सामने आएं और अपने बयान दर्ज कराएं।

इतना ही नहीं एसआईटी का कहना है कि ऐसे लोगों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें हमारे द्वारा सुरक्षा दी जाएगी। विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) अध्यक्ष ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि लखीमपुर कीरी के थाना तिकुनियां क्षेत्र में घटित घटने के संबंध में शासन द्वारा एसआईटी का गठना किया गया है। एसआईटी के अध्य उपेंद्र कुमार अग्रवाल है जिनका मोबाइल नंबर 9454400454 है।
जनसाधरण से आग्रह किया जाता है कि इस घटना के बारे में यदि कोई चश्मदीद गवाह अपना साक्ष्य दर्ज करना चाहता हो तो वह लखीमपुर खीरी स्थित पुलिस लाइंस स्थित क्राइम ब्रांच में उपस्थित हो। क्राइम ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराए। यदि कोई व्यक्ति अपना नाम, पता गोपनीय रखना चाहता है तो उसका नाम पता गोपनीय रखा जाएगा। चश्मदीद गवाहों को सुरक्षा भी उपलब्ध करायी जाएगी।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, 4000-5000 लोगों की भीड़ थी और ये ज्यादातर स्थानीय लोग हैं। घटना के बाद भी लोग आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में इन लोगों की पहचान में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 68 गवाहों में से 30 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और 23 व्यक्ति घटना के चश्मदीद गवाह हैं। लोगों ने कार और कार के अंदर मौजूद लोगों को देखा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा कि रैली में तो सैकड़ों किसान थे फिर केवल 23 चश्मदीद गवाह क्यों हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को घटना के गवाहों को सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि गवाहों के बयान तेजी से दर्ज किए जाएं। कोर्ट ने यूपी सरकार से लखीमपुर हिंसा में पत्रकार रमन कश्यप और एक श्याम सुंदर की हत्या की जांच पर जवाब दाखिल करने को भी कहा है।












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