लखीमपुर खीरी हिंसा: दूसरी FIR में किसानों की मौत का जिक्र नहीं, जानिए क्या लिखा गया?
लखीमपुर खीरी, 11 अक्टूबर: लखीमपुर हिंसा मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में दावा किया गया है कि आंदोलनकारियों के बीच मौजूद अराजक तत्वों ने गाड़ी में बैठे बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। हालांकि, इसमें किसानों पर गाड़ी चढ़ाने या केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के होने का जिक्र नहीं है। इस एफआईआर में सिर्फ एक अज्ञात दंगाई का उल्लेख है, जिस पर धारा 302 (हत्या), 324 (खतरनाक हथियार से नुकसान पहुंचाना) व अन्य के तहत मामला दर्ज किया गया था। बता दें, पहली एफआईआर में केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्र को नामजद किया गया था। इस मामले मे अब तक आशीष मिश्रा सिहत तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर हो हुई थी हिंसा
लखीमपुर खीरी के तिकोनिया क्षेत्र में तीन अक्टूबर को किसानों प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में आठ लोगों की जान चली गई। इनमें चार किसान, दो भाजपा कार्यकर्ता, गाड़ी का ड्राइवर और एक पत्रकार शामिल हैं। गाड़ी से कुचलकर चार किसानों की मौत के मामले में मामले में एक एफआईआर में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया था। वहीं, अगले दिन चार अक्टूबर को तिकोनिया पुलिस थाने में सुमित जायसवाल नाम के एक व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में सुमित के मुताबिक, पत्रकार रमन कश्यप, कार ड्राइवर हरि ओम और भाजपा कार्यकर्ताओं शुभम मिश्रा और श्याम सुंदर की प्रदर्शनकारियों ने पीट-पीटकर हत्या की थी। हालांकि, पत्रकार के परिजनों का आरोप है कि पत्रकार की मौत भी कथित रूप से किसी गाड़ी की टक्कर से ही हुई थी।
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अराजक तत्वों ने गाड़ी पर किया हमला
एफआईआर में सुमित ने दावा किया कि दंगल कार्यक्रम का उद्घाटन करने आ रहे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के स्वागत में जाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं में वह भी शामिल था। दंगल कार्यक्रम केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पैतृक गांव बनवीरपुर में आयोजित हुआ था। सुमित के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ वह काले शरण चौक जा रहा था। वे लोग महिंद्रा थार (यूपी 31 एएस 1000) में मौजूद थे। गाड़ी चला रहा हरिओम और उसका दोस्त शुभम मिश्र मुख्य अतिथि का स्वागत करने जा रहे थे। इस दौरान आंदोलनकारियों के बीच मौजूद अराजक तत्वों ने गाड़ी पर लाठियों, ईटों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे ड्राइवर चोटिल हो गया और उसने सड़क के एक किनारे गाड़ी खड़ी कर दी।

सुमित ने कहा- मैं भागने में कामयाब रहा, नहीं तो हो जाती हत्या
सुमित ने एफआईआर में आरोप लगाया कि कथित प्रदर्शनकारियों ने हरिओम को कार से बाहर निकाला और उसपर लाठियों और तलवार से हमला कर दिया। उन लोगों पर पत्थरों से हमला किया गया था और वहां से भागने की कोशिश में कथित प्रदर्शनकारियों ने मेरे दोस्त शुभम मिश्रा को पकड़ लिया और उसे पीटने लगे। सुमित ने कहा कि वह किसी तरह मौके से भागने में कामयाब रहा, नहीं तो उसकी भी हत्या कर दी जाती। सुमित ने कहा कि उन्हें बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि हरिओम और शुभम मिश्रा की हत्या कर दी गई और दो अज्ञात भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है।

सरकार ने गठिक की SIT, आशीष सहित अब तक 3 गिरफ्तार
बता दें, यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि उसने दोनों एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है। अधिकारियों के अनुसार, पहली एफआईआर में दर्ज केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष समेत तीन अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।












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