'अंत तक, अंजाम तक', न्याय के लिए लड़ूंगी, लखीमपुर हिंसा के पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद बोलीं प्रियंका
लखीमपुर खीरी, 7 अक्टूबर: लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में आठ लोगों की जान चली गई। घटना का आज चौथा दिन है। आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ाई, जिससे चार किसानों की मौत हो गई। मृतक किसानों के परिवार को मुआवजा तो मिल गया, लेकिन मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस बीच पीड़ित परिवारों से मिलकर आईं कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने साफ कह दिया है कि वह 'अंत तक, अंजाम तक', न्याय के लिए लड़ेंगी।

'जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होगी, नहीं मिलेगा न्याय'
प्रियंका गांधी ने ट्वीट में कहा, ''सभी पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें न्याय तब मिलेगा जब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी होगी और हत्यारों की गिरफ्तारी होगी।'' इससे पहले प्रियंका ने कहा था, अभी तक न्याय नहीं मिला, न्याय कैसे मिलेगा अगर वे गृहराज्य मंत्री रहेंगे। ये सब उनके अंडर आता है न। जबतक वे बर्खास्त नहीं होंगे निष्पक्ष जांच कौन करेगा? तीनों परिवारों ने एक ही बात कही कि मुआवजे से मतलब नहीं है, हमें न्याय चाहिए।
नैतिक आधार पर मंत्री इस्तीफा दें: प्रियंका गांधी
प्रियंका ने कहा, इसके लिए मैं लडूंगी। जबतक ये मंत्री बर्खास्त नहीं होगा और जबतक ये लड़का गिरफ्तार नहीं होगा तबतक मैं बिल्कुल अडिग रहूंगी क्योंकि मैंने उन परिवारों को वचन दिया है। सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के अंडर जांच होनी चाहिए। नैतिक आधार पर मंत्री इस्तीफा दें।
क्या है पूरा मामला ?
रविवार (3 अक्टूबर) को लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों को गाड़ी ने कुचला था। घटना में चार किसानों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग मारे गए। इनमें दो बीजेपी कार्यकर्ता, एक ड्राइवर और एक पत्रकार शामिल है। किसानों का आरोप है कि गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ने किसानों को गाड़ी से कुचला। जबकि अजय मिश्रा और उनके बेटे ने आरोपों को निराधार बताया है।












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