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Lakhimpur में फसल को बंदरों से बचाने के लिए किसान बना भालू, खेत में घूमते हुए Video हुआ वायरल

lakhimpur kheri news: लखीमपुर खीरी में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक किसान अपनी फसल को बंदरों से बचाने के लिए भालू की ड्रेस पहनकर खेत में घूम रहा है।

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lakhimpur kheri news: फसल को बंदरों से बचाने के लिए लखीमपुर खीरी के एक किसान को भालू बनन पड़ा। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। किसान भालू बनकर खेत में इधर-उधर घूमते हुए नजर आ रहा है। वहीं, अब किसान द्वारा भालू की ड्रेस पहनकर खेत की रखवाली करने का यह मामला मीडिया की सुर्खियों में छा गया है।

यह मामला लखीमपुर खीरी के मितौली तहसील का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंदरों के आतंक से कई गांवों के किसान परेशान हैं। बंदर फसलों के साथ-साथ लोगों पर भी हमलावर हो रहे है। बंदरों से अपनी फंसल बचाने के लिए रामनिवास ने भालू का रूप धर लिया और खेत की रखवाली करना लगा।

रामनिवास की मानें भालू की ड्रेस देखकर ना तो बंदर आते है और ना ही अवारा पशू खेत में आते है। भालू की ड्रेस पहनने का यह आइडिया कहां से आया? तो इस सवाल के जबाव में वह बताते हैं कि बुझारी गांव में सबसे पहले उन्होंने भालू की ड्रेस पहने व्यक्ति को खेत की रखवाली करते देखा था।

वहीं से उनके दिमाग में यह आइडिया आया। इसके बाद किसान ने भालू की ड्रेस खरीदी और खुद खेत में फसलों की रखवाली करने लगा। रामनिवास बताते है कि वो खुद और उसका सहकर्मी दोनों भालू की ड्रेस में खेतों की रखवाली करते है।

उन्होंने बताया कि लखीमपुर के आसपास जंगली जानवरों का भी खतरा रहता है। इसलिए, भालू की ड्रेस पहनकर जब कोई भी चक्कर लगाता है तो एक आदमी साथ रहता है। ताकि, कोई खतरनाक जंगली जानवर भालू समझकर हमला न कर दें।

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    बता कि भालू की ड्रेस की वजब से कोई जानवर अब खेत में नहीं आते हैं। पहले यहां बंदर, गाय और सांड के चलते फसलों को काफी नुकसान पहुंचता था। कई बार तो पूरी फसल खराब हो जाती थी। लेकिन, अब ऐसा नहीं होता है। लखीमपुर में आवारा पशुओं की समस्या इस कदर है कि यहां एक रोस्टर जारी हुआ है।

    इसमें खंड विकास अधिकारी की निगरानी में एक समिति बनाई गई थी। यह समिति आवारा पशुओं को गौशाला पहुंचाने का काम करती है। लखीमपुर की तहसील ढखौरा, बाई कुआं, चपरताला, हैरमखेड़ा, रहजनियां, फरिया, पिपरिया समेत कई गांवों में बंदरों का भी आतंक है।

    यहां बंदर और आवारा जानवर किसानों की तैयार फसलों को बर्बाद कर देते हैं। कड़ी धूप हो या फिर रात किसानों को फसल बचाने के लिए खेत पर ही रुकना पड़ता है।

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