कोटा में गूंजी सौहार्द की शहनाई: एक मंडप में हुए निकाह और सात फेरे, मिसाल बनी 40 साल पुरानी दोस्ती
राजस्थान के कोटा शहर में एक ऐसी शादी देखने को मिली जो समाज में सौहार्द, भाईचारे और सच्ची दोस्ती की मिसाल बन गई। यहां 40 साल पुरानी दोस्ती को दो दोस्तों ने एक ही मंडप में अपने बेटों की शादी करवा कर एक नई ऊंचाई दी। एक पंडाल में जहां अब्दुल रऊफ के बेटे युनूस परवेज अंसारी का निकाह हुआ, वहीं दूसरी ओर विश्वजीत चक्रवर्ती के बेटे सौरभ ने सनातन रीति-रिवाज से सात फेरे लिए।
दोनों दोस्त बचपन से साथ हैं - पहले पड़ोसी थे, फिर साथ में मकान बनाए और फिर साझे में व्यापार शुरू किया। इस गहरी दोस्ती को उनके बेटों युनूस और सौरभ ने भी निभाया। जब इनकी शादी की बात आई, तो तय किया गया कि एक साथ, एक ही मंडप में विवाह रचाया जाएगा। शादी का कार्ड भी साझा छापा गया, जिसमें दोनों धर्मों के आयोजन दर्ज थे।

दो दिन चला मिलाजुला समारोह, तीसरे दिन साझा रिसेप्शन
17 अप्रैल 2025 को युनूस का निकाह फरहीन अंसारी से पढ़ाया गया। अगले दिन 18 अप्रैल को सौरभ ने श्रेष्ठा राय के साथ सात फेरे लिए। दोनों समारोह चंद्रेसल रोड स्थित एक रिसोर्ट में आयोजित हुए। अब 19 अप्रैल को उसी जगह पर साझा रिसेप्शन का आयोजन किया जा रहा है, जहां दोनों परिवार मिलकर मेहमानों का स्वागत करेंगे।
एक-दूसरे की जिम्मेदारियों को निभाया दिल से
दोनों परिवारों की गहरी दोस्ती इस कदर झलकती है कि जब युनूस की बारात और निकाह हुआ, तो विश्वजीत और उनके परिवार ने मेहमानों के स्वागत की पूरी जिम्मेदारी संभाली। वहीं, जब सौरभ की बारात निकली, तो अब्दुल रऊफ और उनके परिवार ने पूरी मेजबानी का दायित्व निभाया।
लोगों ने कहा: ऐसा दृश्य पहली बार देखा
इस अनोखी शादी को देखने पहुंचे लोगों ने कहा कि यह सिर्फ शादी नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश है कि धर्म चाहे अलग हों, लेकिन दिल और इंसानियत एक हो सकते हैं। शादी का कार्ड आते ही लोगों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह था, और जब समारोह में शरीक हुए, तो यह अनुभव जीवन भर की याद बन गया।
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