शहीद हेमराज मीणा : वीरांगना ने पति को सैल्यूट करके दी अंतिम विदाई

Kota News, कोटा। जम्मू कश्मीर के पुलावामा (Pulwana Attack) में 14 फरवरी को हुए आंतकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के हैड कांस्टेबल हेमराज मीणा का शनिवार को उनके पैतृक गांव विनोक कला अंतिम संस्कार किया गया। हेमराज की पार्थिह देह के अंतिम दर्शन करने के लिए पूरा कोटा उमड़ा। विनोद कलां गांव में पहली बार किसी कार्यक्रम में एक साथ इतने लोग देखे गए। हेमराज मीणा को अंतिम विदाई देने वालों में सांसद ओम बिरला, कोटा के विधायक समेत हजारों लोग शामिल रहे। शहीद पति हेमराज मीणा को वीरांगना मधू ने सैल्यूट भी किया तो हर किसी की आंखें नम हो गईं।

Hemraj Meena funeral in Vinod kala village of sangod Kota

Rajasthan कोटा जिले के सांगोद के गांव विनोद कला के शहीद हेमराज मीणा की पत्नी ने सरकार से कहा है कि उसे पुलवामा हमले को लेकर सरकार की निंदा नहीं चाहिए। सरकार कुछ देना चाहती है तो बस इतना कर दें कि जिन आतंकवादियों ने उसका सुहाग उजाड़ा है, उनमें से एक भी जिंदा नहीं बचना चाहिए। उन सबकी लाशें बिछा दो। उन्होंने बुजुर्ग माता-पिता से उनका बेटा और मासूम बच्चों से पिता छीना है।

'आतंकियों को आकाओं को मुंह तोड़ जवाब दो'

'आतंकियों को आकाओं को मुंह तोड़ जवाब दो'

मीडिया रिपोर्टर्स के अनुसार पति हेमराज मीणा की शहदात की खबर मिलने के बाद रातभर हिम्मत दिखाने वाली वीरांगना मधू आखिर खुबह टूट गई और जब भी उसे होश आता है तब वह सिर्फ सरकार से यही मांग कर रही है कि जब तक आतंकवाद और आतंकियों को पनाह देने वाले आकाओं को मुंह तोड़ जवाब नहीं दे दो तब तक हमें मुंह मत दिखाना।

बेटे बोले-हम लेंगे पापा की शहादत का बदला

बेटे बोले-हम लेंगे पापा की शहादत का बदला

शहीद हेमराज मीणा के दो बेटे हैं ऋषभ और अजय। दोनों बेटों के दिलों में भी जबरदस्त गुस्सा है। अजय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह बड़ा होकर इंडियन आर्मी में जाएगा और पापा की शहादत का बदला लेगा। वहीं ऋषभ ने कहा कि पापा कहते थे कि मैं अच्छे से पढ़ाई करूं। मैं उनका सपना करूंगा। पढ़ाई के पास पुलिस में भर्ती होकर देश के गद्दारों को सबक सिखाऊंगा। वहीं शहीद की बेटी रीना का कहना है कि देश के नेता कुछ नहीं करते। शहादत पर तो सब आंसू बहाने आते हैं। इसके बाद कोई भी नेता शहीद परिवारों की सुध नहीं लेता।

Pulwama Attack में राजस्थान के ये सपूत भी हुए शहीद

Pulwama Attack में राजस्थान के ये सपूत भी हुए शहीद

पुलवामा हमले में देश के 44 जवानों के साथ ही राजस्थान के भी पांच सपूत शहीद हुए हैं। इनमें कोटा के हेमराज मीणा के अलावा जयपुर के रोहिताश लाम्बा, धौलपुर के भागीरथ सिंह, राजसमंद के नारायण लाल गुर्जर, भरतपुर के जीतराम गुर्जर शामिल है। आतंकी हमले के खिलाफ पूरे राजस्थान में जबरदस्त गुस्सा है। लोग सड़कों पर उतर कर पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी से पुलवामा हमले के बदले की मांग कर रहे हैं।

शहीद का भाई PM से बोला-'अभी 3 भाई और जिंदा हैं, पाकिस्तान को आप ना उड़ा सको तो हमें बता देना...

शहीद का भाई PM से बोला-'अभी 3 भाई और जिंदा हैं, पाकिस्तान को आप ना उड़ा सको तो हमें बता देना...

शहीद हेमराज मीणा के भाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीएम मोदी जी अगर आप 56 इंच का सीना रखते हो तो आज ही पाकिस्तान को उड़ा दो...। अगर यह काम आप से नहीं हो सकता तो हमें बता दो...। एक हेमराज शहीद हो गया तो यह कतई मत समझना कि हम पाकिस्तान से डर गए...। उसके नापाक मंसूबों से खौफ खा बैठे हैं। अभी हम तीन भाई और जिंदा हैं...। हम अकेले ही पाकिस्तान को धूल चटाने का दम रखते हैं...। हेमराज के बड़े भाई रामविलास मीणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पुलवामा हमले का बदला लेने की मांग की है।

शहीद जीतराम गुर्जर को हजारों लोग पहुंचे अंतिम विदाई देने

शहीद जीतराम गुर्जर को हजारों लोग पहुंचे अंतिम विदाई देने

जीतराम गुर्जर सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन में जवान के पद पर तैनात था। जीतराम गुर्जर के पिता किसान और भाई विक्रम सिंह बेरोजगार हैं। ऐसे में बेटे की शहादत ने उन्हें काफी दुखी कर दिया है। शनिवार सुबह शहीद जीतराम गुर्जर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पूरा गांव इस अंतिम विदाई में शामिल हुआ और शहीद हुए जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

वहीं शहीद के भाई विक्रम सहित पूरे गांव ने सरकार से खून के बदले खून की मांग की है। जीतराम के दो बेटियां हैं। शहीद के अंतिम विदाई के समय ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। वहीं बताया जा रहा है कि शहीद के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। शहीद जीतराम का परिवार एक झोपड़ी में गुजर बसर करता है। उल्लेखनीय है कि जीतराम मंगलवार को ही जम्मू कश्मीर में ड्यूटी पर लौटा था। महज 48 घंटों बाद ही शहीद हो गया।

3 माह की बेटी का चेहरा भी नहीं देख पाए थे शहीद रोहिताश लांबा

3 माह की बेटी का चेहरा भी नहीं देख पाए थे शहीद रोहिताश लांबा

शनिवार सुबह शहीद रोहिताश लांबा (Rohitash Lamba) का जयपुर जिले के पैतृक गांव गोविंदपुरा में अंतिम संस्कार किया गया। सुबह जैसे ही शहीद लांबा की पार्थिव देह पहुंची तो पूरा गांव बहादुर बेटे के अंतिम दर्शन करने और अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा। हजारों लोग रोहिताश लांबा की शवयात्रा में शामिल हुए। रोहिताश लांबा के दो बच्चे हैं। तीन महीने पहले उनके घर बेटी का जन्म हुआ था जिसका चेहरा भी रोहिताश नहीं देख पाए थे। उनका दो साल का बेटा तो ये भी नहीं जानता कि जो पिता जल्द वापस लौटकर आने का वादा कर गए थे, वो अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।

3 साल के बेटे ने दी चिता को मुखाग्नि

3 साल के बेटे ने दी चिता को मुखाग्नि

धौलपुर के शहीद भागीरथ सिंह व भरतपुर के जीतराम का सुबह अंतिम संस्कार किया गया। शहीद भागीरथ सिंह धौलपुर जिले के राजाखेड़ा के जैतपुर और शहीद जीतराम भतरपुर ​की नगर तहसील के सुंदरावली गांव के रहने वाले थे। दोनों ही शवयात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर चल रहे लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी भी की। शहीद भागीरथ की चिता को उनके तीन साल के बेटे ने मु​खाग्नि दी।

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