कोटा में 300 करोड़ की लागत से बनी पशुपालकों की पहली कॉलोनी, जानिए इसकी खासियत
कोटा, 16 नवंबर। राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में पशुपालकों के लिए अलग से कॉलोनी बसाई जा रही है। यह प्रदेश में पहली कॉलोनी होगी। कोटा शहर को कैटल फ्री सिटी बनाने की दिशा में देवनारायण नगर एकीकृत आवासीय योजना के तहत यह पहल की गई है।

900 पशुपालक होंगे शिफ्ट
कोटा शहर के पास धर्मपुरा की 108 हेक्टेयर भूमि पर निर्माणाधीन पशुपालक कॉलोनी बसाई है, जिसका लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। यहां पर कोटा शहर की कॉलोनियों में सड़क किनारे बसे करीब नौ सौ पशुपालकों को शिफ्ट किया जाएगा।

90 फीसदी निर्माण कार्य पूर्ण
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में कोटा नगर विकास न्यास (UIT) सचिव ने राजेश जोशी बताया कि पशुपालक कॉलोनी का अधिकांश काम पूरा हो गया। उम्मीद है कि जनवरी 2022 में इसका उदघाटन हो जाएगी और यहां पर पशुपालक शिफ्ट हो सकेंगे।

लॉटरी से आवास का आवंटन
बता दें कि पशुपालक कॉलोनी कोटा में आवास व पशुओं के बाड़े का आवंटन लॉटरी से होगा, जिसकी यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल पहले चरण के लिए लॉटरी भी निकाल चुके हैं। अब जल्द ही कोटा शहर कैटल फ्री हो जाएगा।

कोटा शहर में 14 हजार पशु
कोटा नगर विकास न्यास (UIT) सचिव ने राजेश जोशी की मानें तो कोटा शहर की कॉलोनियों में सड़क किनारे करीब 900 पशुपालक बसे हुए हैं, जिनके पास 14 हजार से ज्यादा पशु हैं। इनकी वजह से शहर में गंदगी व अतिक्रमण बढ़ गया। सड़क हादसे भी हो रहे हैं।

क्या सुविधाएं होंगी पशुपालक कॉलोनी में?
राजस्थान की पहली पशुपालक कॉलोनी एक तरह से तमाम मूलभूत सुविधाओं से युक्त कस्बा होगी। इसमें पशुपालकों के लिए गोदाम, हाट बाजार, आवास मय शेड, अस्पताल, स्कूल, डेयरी, बायोगैस प्लांट, मंडी, सामुदायिक शौचालय, मेला ग्राउंड, रंगमंच, पानी, अंडरग्राउंड बिजली, सामुदायिक सुविधा केंद्र आदि भी होंगे।












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