Kaushambi : जिला प्रोबेशन अधिकारी पर महिला कर्मी के यौन उत्पीड़न का लगा आरोप, बैड टच वाला वीडियो वायरल

कौशांबी में महिला अधिकारों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले जिला प्रोबेशन अधिकारी के दफ्तर में ही महिला कर्मी सुरक्षित नहीं है। इसका खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुआ है।

Kaushambi District Probation Officer sexual harassment female employee video viral bad touch

रोजगार के हर क्षेत्र में महिलाएँ पुरुषों का वर्चस्व तोड़ रही हैं। खासकर व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त महिलाओं के काम का दायरा बहुत बढ़ा है। लेकिन कामयाबी के बावजूद भारत में आज भी कई दफ्तरों में महिलाओं के शारीरिक शोषण के मामले सामने आते रहते हैं। ताजा मामले में यूपी के कौशांबी जिले में महिला कर्मचारियों से बैड टच का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यहाँ के विकास भवन स्थित जिला प्रोबेशन दफ्तर में डीपीओ की हरकत पर डीएम ने तत्काल कार्यवाही करते हुए शासन को उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए हैं। डीएम के कड़े रुख को देख पुलिस महकमे ने डीपीओ के खिलाफ कार्यवाही की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस को पीड़ित महिला कर्मी से एक अदद तहरीर का इंतजार है।

महिला अधिकारों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले पर आरोप

महिला अधिकारों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले पर आरोप

दरअसल, कौशांबी में महिला अधिकारों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले जिला प्रोबेशन अधिकारी के दफ्तर में ही महिला कर्मी सुरक्षित नहीं है। इसका खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुआ है। वीडियो कई दिन पुराना बताया जा रहा है। बावजूद इसके वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। जिसके बाद डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की न्यायिक जांच के लिए एडीएम को आदेश दिए हैं। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि मामले में जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कराई जाएगी।

कई बार हो चुकी है दफ्तर में छेड़खानी

कई बार हो चुकी है दफ्तर में छेड़खानी

बता दें कि डीपीओ दफ्तर में छेड़खानी का एक मामला 4 दिन पहले भी प्रकाश मे आया था। जिसमे एक सविदा कर्मी डीपीओ दफ्तर में बेहोश मिली थी। बाद में जब विभाग के कर्मचारियों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया तो महिला कर्मचारी ने डीपीओ राजनाथ राम पर अश्लील हरकते करने का आरोप लगाया था। पीड़ित ने मामले की शिकायत डीएम व कमिश्नर प्रयागराज मंडल को पत्र भेज कर की थी। महिला कर्मचारी का आरोप है कि उसने डीपीओ की मनमानी का विरोध किया। जिसके चलते डीपीओ ने गलत जानकारी अधिकारियों को देकर उसकी सेवाएं खत्म करा दी।
आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा
वहीं इस मामले पर डीएम सुजीत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारे पास एक वीडियो आया है। इसकी जांच एडीएम न्यायिक को दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि आरोपी डीपीओ के खिलाफ मँझनपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आगे जो भी होगा विधिक कार्रवाई की जाएगी।

कामकाजी महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न

कामकाजी महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न

दुर्भाग्यवश कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न कामकाजी महिलाओं के लिए एक आम समस्या है। कार्यस्थल पर कामकाजी महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के सबसे ज्यादा मामले बिहार में होते हैं। दूसरे स्थान पर दिल्ली और तीसरे पर महाराष्ट्र है। चौथे और पाँचवे स्थान पर तेलांगाना और कर्नाटक है। यौन-उत्पीड़न के अंतर्गत किसी प्रकार का अस्वीकार्य शारीरिक संपर्क, मांग, अनुरोध, अनुग्रह अथवा झुकाव के रूप में यौन प्रवृत्त व्यवहार, यौन रंजित टिप्पणी, दिल्लगी, अश्लील साहित्य दिखाना, यौन प्रवृत्ति का कोई अन्य अस्वीकार्य शारीरिक, मौखिक अथवा गैर मौखिक आचरण शामिल है।

Recommended Video

    कौशाम्बी: पड़ोसी युवक ने किशोरी से किया दुष्कर्म, शादी के दबाव पर कर दिया यह हाल
    यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी होगी

    यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी होगी

    वैसे तो समस्त विश्व में कामकाजी महिला यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। कुछ ही समय पहले हॉलीवुड में फिल्म निर्माता हार्वी वाइनस्टीन को लेकर बहुत से कलाकारों ने आवाज उठायी थी। जिसके बाद भारत में भी कई अभिनेत्रियों ने यौन उत्पीड़न की बात कही। इस घटना के बाद पूरी दुनिया में महिलाओं ने मीटू (#Me Too) के माध्यम से अपनी आपबीती बताकर यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठायी। साधारणतया कामकाजी स्त्रियों को सेक्स के बदले फायदा देने का वादा कर उनका शोषण किया जाता है। कई बार पीड़ित की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। उत्पीड़न महिला के काम पर असर डालता है। वह प्रायः अवसाद और सदमे की शिकार हो जाती है।
    धमकी, अपमान और मानवाधिकारों का हनन
    शिकायत करने पर धमकी, अपमान, कभी-कभी उन्हें नौकरी से भी हाथ धोना पड़ता है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम दफ्तर का का माहौल काम करने लायक बनाएँ। जिससे लोग सम्मान के साथ काम करे सकें। उनके मानवाधिकारों का हनन न हो। कर्मचारियों को इसके लिए वक्त- वक्त पर ट्रेनिंग दी जानी चाहिये। भारत सरकार द्वारा महिलाओं का कार्यस्थल में होने वाले यौन हिंसा से जुड़े मामलों में दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+