कासगंज हादसा: पोस्टमार्टम हाउस में लगी लाशों की कतार, हर तरफ सुनाई दे रही चीखें, कई घरों में नहीं जले चूल्हे
कासगंज हादसा: उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद में शनिवार को हुए हादसे की चींखें रविवार को भी सुनाई दे रही हैं। पोस्टमार्टम हाउस से लेकर एटा के नगला कसा गांव तक लोगों के रोने चीखने की आवाज सुनाई दे रही हैं।
शनिवार को हादसे के बाद अस्पताल में पहुंचने के बाद जिन लोगों के मौत की पुष्टि हुई उनके शव को एंबुलेंस से पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। तेज रफ्तार में सायरन बजाते हुए गुजर रही एंबुलेंस के बीच लोगों की चीखने की आवाज से माहौल गमगीन हो गया।

एंबुलेंस खाली न होने के बाद अन्य वाहनों से भी मरने वालों की लाश को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने के बाद लोग अपनों की लाश तलाशते नजर आए। वहीं पोस्टमार्टम होने के बाद जब लाश घर पहुंचने लगी। तो गांव में भी भयावह मंजर नजर आया।
गाड़ियों की आवाज सुनकर रोते हुए लोग दौड़कर गाड़ियों के पास पहुंचते और यह जानने का प्रयास करते कि आखिर मरने वाला कौन है? किसकी लाश आई है? शनिवार से लेकर रविवार सुबह तक गांव में कई घरों में चूल्हे नहीं जले।
गांव की वृद्ध महिलाएं और बुजुर्ग लोग यह कहते सुन गए की किस मनहूस घड़ी में लोग गंगा स्नान करने के लिए निकले थे। वहीं लाशों के ढेर में कोई अपनी मां तो कोई अपने बेटे और कोई पत्नी को तलाशता नजर आया।
पुलिस प्रशासनिक लोग रात में ही मृतकों का अंतिम संस्कार करवाना चाहते थे। लेकिन, ग्रामीणों ने रिश्तेदारों के आने का हवाला देते हुए रात में अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। अब रविवार को मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दरअसल, एटा के नगला कसा गांव के रहने वाले गौरव नामक एक युवक को शादी के 3 साल बाद एक पुत्र पैदा हुआ। पुत्र होने के बाद शनिवार को माघ पूर्णिमा पर उसका मुंडन संस्कार किया जाना था। ऐसे में शनिवार सुबह में सभी लोगों ने जल्दी उठकर खाना बनाया और ट्रैक्टर ट्राली पर सवार होकर गंगा नदी में स्नान करने और मुंडन करवाने के लिए निकल गए।
गंगा स्नान करते जाते समय रास्ते में एक तालाब के पास अचानक ट्रैक्टर और नियंत्रित हो गया और ट्राली समेत ट्रैक्टर मनरेगा द्वारा खोदे गए तालाब में जा गिरा। ट्रैक्टर-ट्राली पलटने के बाद ट्राली में बैठे लोग तालाब के पानी में ट्रैक्टर ट्राली के नीचे दब गए और 8 बच्चों समेत 23 लोगों की मौत हो गई।
हादसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दो-दो लाख रुपए की सहायता धनराशि देने की घोषणा की। वहीं घायलों का समुचित उपचार करने का निर्देश देने के साथ ही 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा भी मुख्यमंत्री द्वारा की गई।
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ ही देश के सभी नेताओं द्वारा इस घटना पर दुख व्यक्त किया गया। कहा जा रहा है कि यूपी सरकार के मंत्री आज मृतकों और घायलों के परिजनों से भी मुलाकात करने पहुंच सकते हैं।












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