खुशी दुबे की मां को टिकट देगी समाजवादी पार्टी? इस सीट से चुनाव लड़ सकती है वो
खुशी दुबे की मां को टिकट देगी समाजवादी पार्टी? इस सीट से चुनाव लड़ सकती है वो
कानपुर, 25 जनवरी: बहुचर्चित बिकरू कांड में मारे गए अमर दुबे की सास और जेब में बंद खुशी दुबे की मां गायत्री तिवारी को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकती है। दरअसल, समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने खुशी दुबे की मां गायत्री तिवारी से संपर्क किया है। सपा नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता मेजर आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि खुशी की मां ने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। हालांकि, उन्होंने इस पर अखिलेश यादव का क्या रुख है, अभी यह स्पष्ट नहीं बताया।

दरअसल, सोमवार (24 जनवरी) को सपा का एक प्रतिनिधि मंडल सपा नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता मेजर आशीष चतुर्वेदी के नेतृत्व में खुशी दुबे के घर पहुंचा। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने खुशी की मां गायत्री देवी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि निर्देश होते हुए भी खुशी को जेल भेजना गलत है। खुशी को अदालत से न्याय नहीं मिलेगा, तो अखिलेश यादव उसको न्याय दिलाएंगे। उन्होंने खुशी दुबे की मां को भरोसा दिलाया है कि यदि प्रदेश में सपा की सरकार बनती है, तो खुशी दुबे को न्याय मिलेगा। इसके साथ जरूरत पड़ने पर मुकदमों को वापस भी लिया जा सकता है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर खुशी की मां चुनाव लड़ना चाहेंगी, तो पार्टी उस पर फैसला लेगी। इस दौरान खुशी की मां ने अखिलेश यादव पर विश्वास जताते हुए कहा, 'मुझे अखिलेश यादव पर भरोसा है। मेरी बेटी को न्याय मिलेगा। सब सरकार एक जैसी नहीं होती। अगर अखिलेश यादव चाहेंगे, तो चुनाव लडूंगी और बेटी को न्याय दिलाऊंगी। कई पार्टियों के लोग आए थे, लेकिन मुझे अखिलेश ठीक लगे।'
खुशी के साथ अन्याय हुआ
सपा नेता मेजर आशीष चतुर्वेदी का कहना है कि हम सभी जानते हैं कि खुशी दुबे के साथ अन्याय हुआ है। एक नाबालिग और निर्दोष लड़की, जिसकी दो दिन पहले ही शादी हुई थी। उस पर इतनी गंभीर धाराओं में मुकदमें लगाएं जाते हैं। नाबालिग को चार दिनों तक थाने में रखा जाता है, और उसको प्रताड़ित किया जाता है। इन सब चीजों से हम लोग वाकिफ थे। मेरी खुशी दुबे की मां से बातचीत हुई है। हम लोग उनके न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
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शादी के बाद मुठभेड़ में मारा गया था अमर दुबे
खुशी दुबे की शादी बीते 29 जून 2020 को अमर दुबे से हुई थी। शादी के महज तीन दिनों बाद 2 जुलाई 2020 की रात विकास दुबे के घर पर पुलिस टीम दबिश देने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर 8 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। बिकरू कांड को अंजाम देने के बाद अमर दुबे फरार हो गया था। बीते 8 जुलाई को हमीरपुर के मौदाहा में एसटीएफ ने अमर दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस ने खुशी दूबे को भी बिकरू कांड में आरोपी बनाया था। पुलिस ने खुशी दुबे पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था।












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