कानपुर: 2 महीने बाद भी नहीं मिली संजीत यादव की बॉडी, धरने पर बैठी बहन को जबरन उठा ले गई पुलिस

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए संजीत यादव हत्याकांड में पुलिस ने हत्यारों को तो गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन दो महीने बाद भी संजीत की डेड बॉडी नहीं मिल सकी। परिवार के सब्र का बांध टूट चुका है। इधर, भाई की डेड बॉडी और दोषियों के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करते हुए धरने पर बैठी संजीत की बहन से पुलिस ने जबरदस्ती की। महिला सिपाहियों ने संजीत की बहन को बीच सड़क पर खींचते हुए जबरदस्ती जीप में बैठाया। इस दौरान संजीत की बहन रोते-बिलखते न्याय की गुहार लगाती रही।

sanjeet yadav murder case police detained his sister

22 लापता हुए संजीत का कर दिया गया था मर्डर

बता दें, 22 जून की शाम को बर्रा 5 में रहने वाले संजीत का अपहरण हुआ था। आरोप है कि बर्रा इंस्पेक्टर और जनता नगर चौकी इंचार्ज राजेश सिंह ने गुमशुदगी दर्ज करने के बाद शांति बना ली थी। इसका असर कुछ यूं हुआ कि अपहरणकर्ताओं ने 30 लाख की फिरौती मांग ली, जिसमें भी पुलिस की करनी कथनी पर कई सवाल हैं, क्योंकि एक तरफ पुलिस के एक ऑफिसर यह दावा करते हैं कि फिरौती की मांगी गई तीस लाख रुपये की रकम दी गई तो तत्कालीन एसएसपी दिनेश प्रभु संजीत के पिता का स्टिंग ऑपरेशन करके यह दावा पेश करने की फिराक में थे कि फिरौती नहीं दी गई।

अभी तक नहीं मिल सकी बॉडी

तभी पुलिस गिरफ्त में आए अपहरणकर्ताओं के खुलासे ने सबको चौका कर रख दिया, क्योंकि उन्होंने 26 जून को ही संजीत को मौत के घाट उतार दिया था। और लाश को पांडु नहर में फेंक दिया था। यानी पुलिस की कहानी को फेल कर देने वाला कबूलनामा सामने आया तो पुलिस विभाग ने एक एसपी सहित एक सीओ, एक इंस्पेक्टर और एक एसआई को सस्पेंड किया गय, लेकिन अभी भी चुनौती बनी हुई है संजीत की डेड बॉडी को रिकवर किया जाना।

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