Heat stroke: कानपुर में हेड कांस्टेबल मौत मामले में दरोगा को मिली क्लीन चिट, जानें क्या था आरोप
Heat stroke: उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में हीट स्ट्रोक के चपेट में आए हेड कांस्टेबल को पहले अस्पताल ना ले जाने की बजाय मोबाइल में वीडियो बनाते दरोगा का वीडियो सोशल मीडिया पर पिछले दिनों जमकर वायरल हुआ था। कांस्टेबल की मौत के बाद लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया था।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग दरोगा की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे थे। इस मामले की विभागीय जांच की गई तो दरोगा को दोषी नहीं पाया गया और क्लीन चिट दिया गया है।

दरअसल, मूल रूप से झांसी के रहने वाले 52 वर्षीय ब्रजकिशोर कानपुर जनपद में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। पिछले दिनों वह तीन दिन की छुट्टी लेकर अपने घर झांसी जा रहे थे। इसी दौरान भीषण गर्मी के चलते हुए स्टेशन पर बेहोश होकर गिर गए।
बेहोश होकर गिरने के बाद कुछ लोगों ने उन्हें उठाया। उसके बाद कानपुर सेंट्रल स्टेशन के पुलिस बूथ पर लेकर उन्हें पहुंचे। इस दौरान पुलिस बूथ पर मौजूद सब इंस्पेक्टर जग प्रताप सिंह उनका वीडियो बनाने लगे और बीमार होने के बारे में पूछने लगे।
इसी दौरान किसी ने सब इंस्पेक्टर जग प्रताप सिंह का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो यूजर्स द्वारा सी पर लापरवाही का आरोप लगाया गया।
लोगों द्वारा कहा गया की वीडियो बनाने के बजाय यदि बीमार पर हेड कांस्टेबल ब्रजकिशोर को लेकर यदि दरोगा तत्काल अस्पताल पहुंचे होते तो उनकी जान बच गई होती। फिलहाल इस मामले में जांच पड़ताल के बाद अधिकारियों ने दरोगा को क्लीन चिट दे दी है।
क्यों मिली क्लीन चिट?
इस बारे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बूथ पर पहुंचने के बाद वहां तैनात एसआई जग प्रताप सिंह ने हेड कांस्टेबल को पानी पिलाया। इसके अलावा जांच पड़ताल की। इसी बीच सब इंस्पेक्टर ने उनसे पूछताछ किया कि क्या उन्हें किसी ने कोई सामान तो नहीं खिलाया है।
सब इंस्पेक्टर द्वारा यह भी पूछा गया कि कहीं उनके साथ कोई अप्रिय घटना तो नहीं ना हुई है। जांच पड़ताल में यह पाया गया कि सब इंस्पेक्टर की कोई गलती नहीं थी। पूछताछ करने के बाद तुरंत ही हेड कांस्टेबल को लेकर सब इंस्पेक्टर अस्पताल पहुंचे जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।












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