कानपुर में दलित महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका गया
कानपुर। मंदिर में दलित महिला को प्रवेश नहीं दिये जाने का विवाद कानपुर के एक मंदिर में बढ़ता ही जा रहा है। दलित महिला सुनीता का आरोप है कि उसे मंदिर में इसलिए प्रवेश नहीं करने दिया गया क्योंकि वह महतर है। सुनीता ने आरोप लगाया है कि जब हम मंदिर गये तो मंदिर में रहने वाले लोगों ने हमें देखते ही मंदिर के दरवाजे बंद कर दिये।

उन्होंने हमसे मंदिर में यह कहकर नहीं घुसने दिया कि हम मेहतर हैं। यही नहीं सुनीता का कहना है कि कुछ दिन पहले जब मैं मंदिर गयी थी तो मेरे मंदिर से बाहर जाने के बाद वहां गंगाजल छिड़का गया था। वहीं इस पूरे विवाद पर मंदिर की पुजारी बबिता का कहना है कि हमने मंदिर में प्रवेश को कभी नहीं मना किया।
Few days back, when I somehow entered the temple, they sprinkled gangajal after I stepped out of premises: Sunita pic.twitter.com/j8sYYMrWxf
— ANI UP (@ANINewsUP) July 14, 2016
बबिता का कहना है कि मंदिर 12 बजे बंद होता है, लेकिन सुनीता एक बजे आयी थी और जबरदस्ती मंदिर में घुसने लगी और मुझसे कहने लगी की मंदिर में जाने दो। बबिता ने मंदिर में घुसने नहीं दिये जाने के आरोपो को खारिज करते हुए कहा कि मैं मंदिर बंद होने के समय इसे साफ करती हूं यह मेरी हर रोज की दिनचर्या है।
Shocker from Kanpur: Temple authorises clean temple after a Dalit woman entered premises. pic.twitter.com/ivWwJt7qpe
— ANI UP (@ANINewsUP) July 14, 2016
उधर पुलिस का कहना है कि आरोप निराधार हैं महिला मंदिर के बंद होने के बाद आयी थी। कानपुर के एडिशनल एसपी का कहना है कि महिला ने जबरदस्ती मंदिर में घुसने का प्रयास किया था, लेकिन बाद में पुजारिन ने मंदिर का दरवाजा खोल दिया था। मंदिर की सफाई स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए की गयी थी।
I usually wash the temple at 12 during the closing time, that is my work: Babita, priestess pic.twitter.com/wiriAjFEtC
— ANI UP (@ANINewsUP) July 14, 2016
The woman forcefully tried entering the temple, so the priestess later opened it.:Kanpur additional SP pic.twitter.com/BhkjE9tJTc
— ANI UP (@ANINewsUP) July 14, 2016












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