Rafale in India : जोधपुर में हुआ था राफेल का शक्ति परीक्षण, जानिए क्या था राफेल डील का आधार?
जोधपुर। बहुप्रतीक्षित फाइटर जेट राफेल फ्रांस से भारत पहुंच चुके हैं। 36 विमानों की पहली खेप में पांच राफेल विमान आए हैं, जिनकी 29 जुलाई 2020 को अपराह्न तीन बजकर 10 मिनट पर अंबाला के एयरबेस पर हैप्पी लैंडिंग हुई है।
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राफेल पहली लैंडिंग जोधपुर की सरजमीं पर
बता दें कि राफेल का राजस्थान के जोधपुर से गहरा रिश्ता है। फ्रांस से राफेल की खरीद की बुनियाद में रखी गई। भारत में राफेल विमान की सबसे पहली लैंडिंग जोधपुर की सरजमीं पर ही हुई। इसके अलावा पांच राफेल विमानों को फ्रांस से यूएई होते हुए भारत लानी वाली भारतीय वायुसेना की टीम को ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह ने लीड किया है। हरकीरत सिंह पहले जोधपुर में तैनात थे। यहां रहते हुए हरकीरत सिंह ने 12 साल पहले जोधपुर के आसमान में उड़ान भरते मिग-21 फाइटर जेट का इंजन खराब होने के बाद उसकी सुरक्षित लैंडिंग करवाकर अदम्य साहस का परिचय दिया था।

जानिए राफेल खरीद का जोधपुर कनेक्शन
मीडिया रिपोर्ट्स में एयरफोर्स के जानकारों के हवाले बताया गया है कि फ्रांस से राफेल विमान की खरीद का जोधपुर कनेक्शन की कहानी ये है कि भारतीय वायुसेना ने जब नए लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला किया तो यूरो फाइटर टायफून और राफेल विमान का अंतिम चयन किया गया। इन्हीं दोनों में से एक विमान फाइनल करना था। इसके लिए वर्ष 2008 में शक्ति परीक्षण हुआ था।

जब राफेल ने मारी बाजी
वर्ष 2008 में दो-दो राफेल और यूरो फाइटर टायफून लड़ाकू विमान शक्ति परीक्षण के लिए जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर उतरे। फिर दोनों के बीच जोधपुर के आसमान में रोचक मुकाबला देखने को मिला। उस उड़ान के दौरान राफेल ने टायफून को पछाड़ते हुए अपनी श्रेष्ठता साबित की। यही शक्ति परीक्षण ही फ्रांस से राफेल की खरीद का आधार बना।

भारत-फ्रांस के बीच युद्धाभ्यास में भी आया राफेल
वर्ष 2008 में शक्ति परीक्षण के बाद दूसरी बार राफेल विमान जून 2014 में भारत आया और एक बार फिर जोधपुर की सरजमीं पर लैंड किया। इस बार मौका था भारत-फ्रांस की वायुसेनाओं के संयुक्त युद्धाभ्यास गरुड़ का। फ्रांस के करीब 120 वायुसैनिक चार राफेल लेकर जोधपुर पहुंचे थे। वे भी संयुक्त अरब अमीरात स्थित फ्रांस के एयरबेस होते हुए जोधपुर आए थे। जहां से होते हुए अब 2020 में पांच राफेल अंबाला पहुंचे हैं। युद्धाभ्यास के दौरान करीब दस दिन तक राफेल ने इंडियन एयरफोर्स के सुखोई फाइटर जेट के साथ उड़ान भरी थी। युद्धाभ्यास के समापन समारोह में फ्रांस की वायुसेना के अध्यक्ष ने सुखोई और भारतीय एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने राफेल को उड़ाया था।












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