झारखंड में भी हो सकता है 'खेला', सीएम हेमंत की बैठक से नदारद 8 MLA, क्या कल्पना सोरेन होंगी नई सीएम
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले झारखंड में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भूमि घोटाले के मामले में ईडी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ करना चाहती है।
वहीं, मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लापता होने की खबर सामने आई, लेकिन वो रांची में अपने विधायकों के साथ बैठक करते हुए नजर आए। ऐसे में ईडी आज झारखंड के सीएम से पूछताछ कर सकती है।

गौरतलब है कि हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित घर पर छापेमारी के दौरान ईडी ने 36 लाख रुपए और बीएमडब्ल्यू कार को सीज किया है। इसके साथ ही कुछ दस्तावेजों को भी जब्त किया है। तमाम अटकलों के बीच झारखंड से एक और बड़ी खबर आ सकती है।
माना जा रहा है कि 31 जनवरी को हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी हो सकती है। यही वजह है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के भीतर सियासी उठापटक तेज हो गई है। रिपोर्ट की मानें तो मुख्यमंत्री के तौर पर हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन के नाम को प्रस्तावित किया गया है।
लेकिन कहानी में बड़ा मोड़ उस वक्त आ गया जब इस बात की रिपोर्ट सामने आई कि गठबंधन के विधायकों की बैठक में 8 विधायक नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि ये विधायक नाराज हैं। यही वजह है कि ये विधायक मुख्यमंत्री की बैठक में नहीं पहुंचे। लिहाजा कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार के बाद अब झारखंड में भी सत्ता परिवर्तन हो सकता है।
ईडी की टीम हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित घर पहुंची तो वहां पर हेमंत सोरेन नहीं मिले। ईडी ने बताया कि हेमंत सोरेन की जानकारी है कि वह कहां हैं। इस बीच मंगलवार को हेमंत सोरेन अपने सरकारी आवास पर गठबंधन के विधायकों के साथ बैठक की। दिलचस्प बात है कि तकरीबन 24 घंटे तक हेमंत सोरेन कहां थे, इसकी किसी को खबर नहीं थी। वहीं हेमंत सोरेन से जब पूछा गया कि आप कहां थे तो उन्होंने कहा कि मैं आपके दिलों में रहता हूं।
हेमंत सोरेन पर क्या आरोप हैं
ईडी हेमंत सोरेन के खिलाफ मुख्य रूप से दो घोटालों की जांच कर रही है। एक मामला जमीन घोटाले से जुड़ा है जबकि दूसरा मामला अवैध खनन से जुड़ा हुआ है। ईडी के मुताबिक रांची में तीन बड़े प्लॉट थे, जिसमे से 4.55 एकड़ का एक प्लॉट भारतीय सेना की थी। आजादी के बाद से ही यह जमीन भारतीय सेना के नाम थी।
लेकिन आरोप है कि हेमंत सोरेन, उनकी कल्पना सोरेन और बड़े अधिकारियों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज बनाए। जिसके बाद इन लोगों ने इस जमीन के फर्जी तरह से खरीदा और बाद में इस जमीन को तकरीबन 7 करोड़ रुपए में बेच दिया। आरोप है कि इस डील के जरिए कल्पना सोरेन की कंपनी को फायदा पहुंचाया गया।












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