झारखंड चुनाव से पहले 'मंईयां योजना पर रोक' को लेकर विवाद, CM हेमंत बोले- BJP क्यूं चिढ़ती है झारखंडियों से?
झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' पर रोक लगाने को लेकर विवाद हो रहा है। हेमंत सोरेन सरकार की सबसे बड़ी योजन 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' पर रोक लगाने के लिए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।
सिमडेगा के रहने वाले विष्णु साहू ने अधिवक्ता राजीव कुमार के जरिए जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में सरकार किसी व्यक्ति विशेष के खाते में ऐसे सीधा पैसा नहीं भेज सकती है। अब इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमलावर हैं।

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आखिर BJP को मंईयां योजना से इतनी तकलीफ क्यों है: CM हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, '' आखिर भाजपा राज्य की बहनों की भलाई क्यों नहीं चाहता? आखिर उन्हें मंईयां योजना से इतनी तकलीफ क्यों है? उनकी मुझसे तकलीफ, खीज समझ आती है पर झारखंडियों के हितों पर लगातार कुठाराघात चिंतनीय है। पर हम उनकी यह मंशा कभी सफल नहीं होने देंगे।''
'भाजपा को इतनी चिढ़ क्यूं है झारखंडियों से', JMM ने उठाए सवाल?
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कहा, ''भाजपा ने महाराष्ट्र में इसलिए चुनाव टलवा दिए क्यूंकि वहां उन्हें कोई योजना शुरू करनी थी। भाजपाइयों को शायद नाम पता होगा। लेकिन झारखंड में फिर वैसे ही जैसे पीछे के दरवाजे से झारखंड हितैषी नियोजन नीति भाजपा ने रद्द करवाई थी, ठीक वैसे ही भाजपा का ऐसा षड्यंत्र क्यूं? भाजपा क्यूं चिढ़ रही है लाखों दीदी-बहनों को उनका हक-अधिकार मिलने पर? भाजपा को इतनी चिढ़ क्यूं है झारखंडियों से। माजरा क्या है बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा जी?''
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भाजपा का झारखंड से सुपड़ा साफ होगा: JMM का दावा
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कहा, ''आखिर भाजपा को झारखंड की हमारी माताओं-बहनों से क्या दिक्कत है? क्यूं चिढ़ती है भाजपा झारखंडियों से? जिन भाजपाइयों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर किया, विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाएगी। भाजपा का झारखंड से सुपड़ा साफ होगा।''

मंईयां योजना को लेकर हाई कोर्ट की याचिका में क्या कह गया है?
सिमडेगा निवासी विष्णु साहू की याचिका में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार किसी व्यक्ति विशेष को उसके खाते में सीधे राशि नहीं दे सकती है। सरकार जनता के टैक्स से चलती है। जनता से प्राप्त पैसा कल्याणकारी योजनाओं में लगाया जाता है। किसी को भी सीधे तौर पर पैसा देना सही नहीं है। झारखंड में आने वाले एक-दो महीने में चुनाव होना तय है, ऐसे में राज्य सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए इस तरह की योजना लेकर आई है।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी हवाला दिया गया है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मुफ्त में कुछ भी नहीं बांटा जा सकता। याचिका में कहा गया है कि योजना पूरी तरह से चुनावी लाभ के लिए लाई गई है, इसलिए इसे फौरन रोकना चाहिए।

Maiya samman yojana Jharkhand: क्या है 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना'?
'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' झारखंज सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत अगर किसी परिवार में तीन महिलाएं और बुजुर्ग सदस्य हैं, तो उन्हें सरकार सालाना 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इस योजना के तहत वादा किया गया है कि अगर फिर से सत्ता में आते हैं तो 60 हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति परिवार किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस योजना से अब तक 40 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ चुकी हैं।
'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' के लिए आवेदन महिलाएं ऑनलाइन भी कर सकती हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन और शहरी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्र या उपायुक्त द्वारा निर्धारित जगहों जाकर भी आवेदन किया जा सकता है।
'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' में आवेदन के लिए पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड की फोटोकॉपी चाहिए होती है।












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