'झारखंड में 10 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी HAM', चतरा में जीतन राम मांझी ने की घोषणा
Jharkhand Election: झारखंड की 10 विधानसभा सीटों पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) चुनाव लड़ेगी। इस बात की घोषणा हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने की। चतरा में एक रैली आयोजित करने के बाद जीतन राम मांझी ने मीडिया से बातचीत की।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझा ने कहा, 'हम एनडीए (NDA) का हिस्सा हैं, इसलिए हम सीट बंटवारे के फैसले का पालन करेंगे और जो भी सीट मिलेगी, उस पर चुनाव लड़ेंगे। मगर यह तय है कि 'हम' झारखंड में निश्चित रूप से चुनाव लड़ेगा।' बता दें, माझी ने हाल ही में चतरा में एक रैली को संबोधित किया।

इस दौरान उन्होंने कम से कम 10 सीटों पर झारखंड में चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। बता दें, हम के संस्थापक जीतन राम मांझी दलित समर्थक नीतियों की वकालत करने के लिए जाने जाते हैं, जो बिहार और पड़ोसी क्षेत्रों में चुनावों को काफी प्रभावित करते हैं। मांझी खुद एक मुसहर दलित।
पीटीआई की खबर के मुताबिक, मांझी 2014 से गया लोकसभा क्षेत्र में एक सीट हासिल करने का प्रयास कर रहे थे लेकिन, उनके हाथ सफलता नहीं लग रही थी। हालांकि, 2024 में उनकी दृढ़ता रंग लाई और गया लोकसभा क्षेत्र से सीट हासिल करके अपने राजनीतिक करियर में एक मील का पत्थर हासिल किया।
बता दें, बिहार में मुख्यमंत्री पद पर पहुंचने से पहले मांझी ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव दोनों के अधीन मंत्री के रूप में काम किया और अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया। 2014 में लोकसभा चुनावों में बड़ी हार के बाद नीतीश कुमार द्वारा उन्हें अप्रत्याशित रूप से मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाना एक रणनीतिक कदम था।
मांझी ने 2014 में जेडी(यू) उम्मीदवार के तौर पर गया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और वे तीसरे स्थान पर रहे थे। 2019 में हम (एस) उम्मीदवार के तौर पर उनके बाद के प्रयास में भी उन्हें जीत नहीं मिली, वे जेडी(यू) से 150,000 से ज़्यादा वोटों के अंतर से हार गए। हालांकि, 2024 में उनकी दृढ़ता रंग लाई और गया लोकसभा क्षेत्र से सीट हासिल की।
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री बनने से पहले, मांझी ने नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री के रूप में काम किया। उन्होंने 1996 से 2005 तक मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सरकार में मंत्री पद भी संभाले।
अपने पूरे राजनीतिक करियर में, मांझी कई पार्टियों से जुड़े रहे हैं। उनकी संबद्धताओं में 1980 से 1990 तक कांग्रेस, 1990 से 1996 तक जनता दल, 1996 से 2005 तक RJD और 2005 से 2015 तक JDU शामिल हैं।












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