Jharkhand Chunav 2024: कौन है 125 FIR वाला गैंगस्टर Aman Sahu, जो झारखंड में लड़ना चाह रहा विधानसभा चुनाव
Who is Gangster Aman Saw in Jharkhand Chunav 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 चल रहे हैं। 19 अक्टूबर की शाम को भाजपा ने 66 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। 18 अक्टूबर से पहले फेज की सीटों पर नामांकन भी शुरू हो गया। दो चरणों में 13 व 20 नवंबर को मतदान है। 23 को नतीजे आएंगे। इस बीच चौंकाने वाली खबर आई है कि झारखंड का खतरनाक गैंगस्टर भी विधानसभा चुनाव लड़ना चाह रहा है।
गैंगस्टर अमन साहू अभी छत्तीसगढ़ की रायपुर जेल में बंद है। इसके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में 125 केस दर्ज हैं। शनिवार को किसी मामले में अमन साहू को रायपुर कोर्ट में पेश किया तो उसने जज के सामने अपनी बात रखी। झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में उम्मीदवार बनने की इच्छा जताई।
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गैंगस्टर अमन साहू के वकील हेमंत कुमार के अनुसार फिलहाल अमन को 28 अक्टूबर तक न्यायिक अभिरक्षा में रायपुर सेंट्रल जेल में भेजा गया है। इससे पहले अमन ने कोर्ट में जज के सामने अपनी बात रखी कि वह झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में हजारीबाग ज़िले की बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहता है। इसलिए उसे रायपुर छत्तीसगढ़ से झारखंड ले जाया जाए।
अपराधी अमन साहू को झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में उम्मीदवारी के लिए अभी कोर्ट की अनुमति नहीं मिली है। ना ही अभी किसी पार्टी ने टिकट दी है। इस संबंध में अमन साहू के वकील हेमंत मीडिया से कहते हैं कि नामांकन में कुछ ही समय बचा है। हमने अपने स्तर पर सारे दस्तावेज तैयार कर लिए हैं, जो वेरीफाई होने हैं। छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि झारखंड हाई कोर्ट से भी अनुमति लेनी है।
गैंगस्टर अमन साहू का जीवन परिचय
बता दें कि गैंगस्टर अमन साहू रांची के गांव मतबे का रहने वाला है। विभिन पुलिस थानों में इसके खिलाफ कुल 125 केस दर्ज हैं। साल 2019 में पहली बार अरेस्ट हुआ अमन 29 सितंबर 2019 को फरार हो गया। 3 साल बाद जुलाई 2022 में पुलिस ने फिर इसे पकड़ लिया था। अब खबर है कि अमन अपनी गैंग जेल से ही ऑपरेट कर रहा है।
प्रह्लाद राय अग्रवाल की कार पर फायरिंग का आरोपी
अमन साहू कारोबारी प्रह्लाद राय अग्रवाल की कार पर फायरिंग का मुख्य आरोपी है। इस फायरिंग में अमन के अलावा के लॉरेंस बिश्नोई का नाम भी सामने आया था। अमन की गैंग के पास आधुनिक हथियार बताए जाते हैं। इसका नेटवर्क धनबाद, रांची, चतरा, हजारीबाग और बोकारो के आसपास सक्रिय है।
कितनी खतरनाक है अमन साहू की गैंग?
मीडिया की खबरों के अनुसार सीआईडी ने नौ माह पहले एटीएस को एक रिपोर्ट भेजी थी, जिससे पता चला कि अमन की गैंग काफी खतरनाक है। इसकी गैंग के गुर्गों की संख्या 145 बताई जाती है। 99 अभी जेल से बाहर हैं। बाकी 46 सदस्य जेलों में हैं। अमन की गैंग अभी यूपी देवरिया का मयंक चला रहा है। इस गैंग के पास एके 47 जैसे 250 से ज्यादा हरियार हैं।












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