Interview: झारखंड की मधुपुर सीट खास क्यों, कौन किस पर भारी? BJP कैंडिडेट गंगा नारायण से जानिए सबकुछ
झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की सरगर्मियां तेज हैं। इस बीच प्रदेश के कुछ इलाके हैं, जहां मुकाबला त्रिकोणीय देखने को मिल रहा है। जबकि अधिकतर सीटें ऐसी हैं, जहां इंडिया गठबंधन और एनडीए के बीच सीधी टक्कर है। इस बीच झारखंड के देवघर पहुंची वनइंडिया की टीम ने जिले के मधुपुर निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे गंगा नारायण सिंह से बात की। प्रदेश के बदले चुनावी समीकरण को लेकर बातचीत के दौरान गंगा सिंह ने दावा किया कि देवघर ही नहीं पूरे प्रदेश में एनडीए के प्रत्याशियो को पक्ष में माहौल है।
देवघर की तीन विधानसभा में मधुपुर सीट हॉट बनती जा रही है। इस सीट का इतिहास है कि यहां 25 साल से भाजपा-झामुमो के बीच सीधा मुकाबला होता आया है और यह सिलसिला 1995 से चलता आ रहा है। हेमंत सरकार के कैबिनेट मंत्री हफीजुल हसन का सीधा मुकाबला भाजपा के गंगा नारायण सिंह से हो रहा है।
मधुपुर सीट के चुनावी समीकरण का प्रभाव प्रदेश की अन्य सीटों पर भी देखा गया। बात पिछले चुनावों की करें तो देवघर में ये सीट हमेशा से ही अपना अलग स्थान रखती आई है। 2019 में बीजेपी के राज पलिवार को जेएमएम के हाजी हुसैन के हाथों हार का सामना करना पड़ा। हाजी हुसैन को बाद में हेमंत सोरेन के मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शामिल किया गया। जबकि COVID-19 के कारण उनका निधन हो गया, जिसके कारण 2021 में मधुपुर सीट के लिए उपचुनाव हुआ।

पिछले चुनाव के दौरान हेमंत सोरेन को पता था कि यह सीट आसान नहीं होगी। ऐसे में उन्होंने हाजी हुसैन अंसारी के बेटे हफीजुल हसन को पार्टी का टिकट देने से पहले मंत्री पद की शपथ दिलाकर राजनीतिक मजबूती सुनिश्चित की। 2021 के उपचुनाव में झामुमो ने सफलतापूर्वक सीट बरकरार रखी।
2024 के लिए बीजेपी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। राज पलिवार की जगह पार्टी ने गंगा नारायण सिंह को चुना है, जिन्होंने पिछले चुनाव में आजसू के टिकट पर महत्वपूर्ण वोट हासिल किए थे और तीसरे स्थान पर रहे थे।












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