बाबा बैद्यनाथ मंदिर मामले में गिरफ्तारी देने पहुंचें निशिकांत दुबे, जानिए पुलिस ने क्यों नहीं किया गिरफ्तार?
Nishikant Dubey FIR Devghar Babhaiyarnath Temple: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर देवघर केंद्र में आ गया है। बीजेपी सांसद और देवघर मंदिर ट्रस्टी निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि बाबा मंदिर से जुड़े विवाद में गिरफ्तारी देने के लिए खुद थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी लेने से इनकार कर दिया।
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और निशिकांत दुबे के ऊपर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जबरदस्ती प्रवेश करने और सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का मुक्की का आरोप लगा है।

क्या है मामला?
बता दें कि, आदित्य वाहिनी के प्रदेश महामंत्री कार्तिकनाथ ठाकुर की शिकायत पर बाबा मंदिर थाना में केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि निशिकांत दुबे, मनोज तिवारी और अन्य ने दो अगस्त की रात जबरन मंदिर के निकास द्वार से मंझलाखंड में प्रवेश किया, पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की और गर्भगृह में पहुंचकर पूजा-अर्चना की, जिससे धार्मिक परंपरा और आस्था को ठेस पहुंची। इस घटना का वीडियो भी पुलिस के पास उपलब्ध कराया गया है।
सीएम हेमंत पर भड़के निशिकांत दुबे
दिल्ली से गिरफ्तारी देने देवघर पहुंचे निशिकांत दुबे ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी जेल भेजना चाहते हैं, तो वे जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन सरकार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने पुलिस पर साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि जो केस किया गया है वह गैरकानूनी है, क्योंकि शिकायतकर्ता खुद पंडा नहीं हैं और उनका सवाल है कि वे गर्भगृह में कैसे पहुंचे।
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में कहा कि झारखंड पुलिस के कुछ अफसर नीचता की सारी हदें पार कर रहे हैं और साजिश में शामिल हैं। उन्होंने निशिकांत दुबे पर दर्ज एफआईआर की निंदा की है।












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