Jhansi: IPL में सट्टेबाजी ने बनाया 20 लाख का कर्जदार तो रच डाली लूट की खौफनाक साजिश, ऐसे हुआ खुलासा
झांसी में 19 लाख रुपए की लूट का पुलिस ने 72 घंटे में ही खुलासा कर दिया। सीमेंट कारोबारी के मुनीम ने ही कर्जा उतारने के लिए लूट की मनगढ़ंत कहानी रची थी। वह IPL सट्टा में करीब 20 लाख रुपए हार गया था।

IPL या क्रिकेट मैच में सट्टेबाजी कोई नई बात नहीं है। भारत में सट्टेबाजी गैरकानूनी है, बावजूद इसके करोड़ों और अरबों का यह गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है। इसी से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला यूपी के झाँसी से सामने आया है, जिसमे IPL में सट्टा खेलने के चलते 20 लाख रुपए हारे हुए दो दोस्तों ने लूट की खौफनाक साजिश रच डाली। वहीं, पुलिस ने इस साजिश का महज 72 घंटों के अंदर ही खुलासा कर दिया।

27 मई को हुई थी घटना
दरअसल, शनिवार रात को पूंछ थाना क्षेत्र से एक लूट का मामला सामने आया था। सीमेंट कारोबारी मिशन कंपाउंड सर्वनगर सीपी निवासी अजय कुमार साहू के पास आईटीआई सिद्धेश्वर नगर निवासी दीपेंद्र सिंह परमार मुनीम के तौर पर काम करता था। 27 मई को मालिक अजय कुमार साहू ने मुनीम दीपेंद्र को अपने ऑफिस में बुलाया और पेमेंट लेने के लिए जालौन के कोंच भेज दिया। दीपेंद्र सीधे संजय अग्रवाल की दुकान पर पहुंचा। जहां से दीपेंद्र 19 लाख रुपए की पेमेंट लेकर बाइक से झांसी के लिए रवाना हो गया।

आँखों में मिर्ची झोंक कर 19 लाख की लूट
जिसके बाद पुलिस को सूचना मिली की एक व्यापारी के मुनीम के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया गया है। मुनीम के पास से 19 लाख रुपए की रकम आँखों में मिर्ची झोंक कर लूट ली गई है। पुलिस ने घटना को गंभीरता से लिया। SSP से लेकर DIG तक ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और खुलासे में लग गए। लूट के खुलासे के लिए स्वॉट समेत पूंछ पुलिस को लगाया गया।

CCTV और फ़ोन लोकेशन ने खोल दिया राज
वहीं पुलिस के छानबीन के दौरान दीपेंद्र अपना बयान बार-बार बदलने लगा। बदमाशों के बारे में भी अलग-अलग कहानियां गढ़ता रहा। इससे पुलिस को दीपेंद्र पर शक हो गया। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो पता कि दीपेंद्र की एक नंबर से लगातार बात हो रही थी। पुलिस के ट्रेस करने पर इस मोबाइल नंबर की लोकेशन उसके साथ-साथ कोंच में मिली। घटना के बाद उसकी लोकेशन झांसी में आ गई। साथ ही CCTV कैमरे में दीपेंद्र के साथ एक व्यक्ति कोंच जाते और कोंच से वापस आते नजर आया। शक गहराने पर दीपेंद्र को बुलाकर पूछताछ की गई। पहले तो वह पुलिस को बरगलाता रहा, लेकिन कढ़ाई से पूछताछ करने पर सच उगल दिया।

ऐसे दिया पूरी वारदात को अंजाम
SSP राजेश एस ने बताया, लूटकांड में दीपेंद्र सिंह परमार और उसके दोस्त आईटीआई ब्रह्मनगर कॉलोनी निवासी मनोज अहिरवार को गिरफ्तार किया है। दीपेंद्र मूलरूप से मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के बरौरा पहाड़ गांव का रहने वाला है। दोनों आरोपी IPL सट्टे में 20 से 22 लाख रुपए हार गए थे। दोनों पर काफी कर्जा हो गया था। IPL सट्टेबाजी में दोनों बर्बाद हो गए थे। वे किसी भी कीमत पर कर्जा उतारना चाहते थे। 27 मई को जब मालिक अजय कुमार साहू पेमेंट लेने के लिए जालौन के कोंच जाने की बात कही तो उसके मन में लालच आ गया।

दोस्त को दिया पैसों से भरा बैग
उसने दोस्त मनोज अहिरवार को बुलाया और रुपए हड़पने के लिए फर्जी लूट की साजिश रची। ताकि किसी को शक न हो और रकम भी मिल जाए। दोनों अपनी-अपनी बाइक से कोंच के लिए रवाना हो गए। मनोज कोंच से पहले रुक गया और दीपेंद्र के लौटने का इंतजार करने लगा। संजय से 19 लाख रुपए की पेमेंट लेकर वह बाइक से झांसी के लिए रवाना हो गया। रास्ते में उसे मनोज मिल गया। दोनों सेसा रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे तो दीपेंद्र ने रुपए से भरा बैग और अपने दोनों मोबाइल स्विच ऑफ करके मनोज को दे दिए।

खुद ही डाला आँखों में मिर्ची पाउडर
इसके बाद दीपेंद्र ने घर से लेकर गए मिर्ची का पाउडर अपनी आंखों में डलवाया और मनोज को घर के लिए रवाना कर दिया। दोस्त के रवाना होने के बाद दीपेंद्र बाइक को गिराकर लेट गया और चिल्लाने लगा। लोग आए तो मालिक और पुलिस को फोन कर लूट की सूचना दी। बताया कि वह रुपए लेकर बाइक से झांसी जा रहा था। अपाचे बाइक से तीन बदमाश आए। आंखों में मिर्ची डालकर 19 लाख रुपए से भरा बैग ले गए। वहीं पुलिस ने मामला का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर उनसे 19 लाख कैश, 3 आईफोन समेत 4 मोबाइल और दो बाइक बरामद की हैं।
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