Mahendra Rajbhar: जौनपुर में मंच पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, पहले नेता को पहनाई फूलों की माला, फिर बरसा दिए थप्पड़
Mahendra Rajbhar News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहाँ सम्मान का मंच पल भर में अपमान के अखाड़े में तब्दील हो गया। यहाँ एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ सरेआम मारपीट की गई।
यह पूरा वाकया किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। हमलावर ने पहले बड़े आदर के साथ पार्टी अध्यक्ष को फूलों की माला पहनाई और जैसे ही अध्यक्ष कुछ समझ पाते, उसने ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसाने शुरू कर दिए। वहां मौजूद लोग हक्के-बक्के रह गए।

इस घटना ने सबको सकते में डाल दिया। वहीं किसी ने इस पूरे घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया है। वीडियो को शेयर करते हुए लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।
सम्मान समारोह में होगा नेता का अपमान
यह घटना जौनपुर जिले के आशापुर गाँव में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान हुई। सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र राजभर जब मंच पर मौजूद थे तभी यह घटना घटी। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कुछ युवक उन्हें बचाने भी जाते हैं।
आरोप है कि आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजेश राजभर ने पहले सम्मान देने का नाटक किया और फिर अचानक वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र राजभर पर हमलावर हो गए, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हमले के पीछे बड़ी राजनीतिक साजिश?
इस सार्वजनिक अपमान के बाद महेंद्र राजभर ने सीधे तौर पर एक बड़ी राजनीतिक हस्ती पर साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने इस हमले को एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बताया है, जिसका मकसद उन्हें नीचा दिखाना था।
महेंद्र राजभर ने अपनी शिकायत में साफ कहा है कि यह हमला कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के इशारे पर किया गया है। फिलहाल, आगे क्या कार्रवाई हो रही है? इसपर कोई अपडेट नहीं मिल पाया है।
घटना के तुरंत बाद, महेंद्र राजभर ने जलालपुर थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी और अपनी जान को खतरा भी बताया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
देखें Video-
राजभर जाति के दो दिग्गज नेताओं में खींचतान
यहां यह भी बता दें कि यह केवल एक मामूली झगड़ा या बहस नहीं है। क्योंकि दोनों नेता राजभर जाति के हैं इसके अलावा पूर्वांचल में राजभर जाति की अच्छी संख्या की चलते अपनी जाति के वोट को अपने पक्ष में साधने के लिए राजनीतिक दल लंबे समय से प्रयासरत हैं।
ऐसे में राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते इस तरह की घटना को अंजाम देने की बात सामने आ रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने इस मामले को और हवा दे दी है। लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे गुंडागर्दी तो कुछ लोग इसे पार्टी के भीतर चल रहे मतभेद को कारण बता रहे हैं।












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