'ये मोदी जी का बेटा है', यूक्रेन से सुरक्षित लाने पर सरकार को शुक्रिया बोलते हुए रो पड़े कश्मीरी पिता
श्रीनगर। यूक्रेन-रूस युद्ध के चलते विकट परिस्थितियों में फंसे हजारों भारतीयों को सुरक्षित निकालकर लाने के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन गंगा चलाया। इसी ऑपरेशन की एक फ्लाइट से कश्मीरी परिवार के छात्रों की वापसी हुई, तो एयरपोर्ट पर उनके परिजनों की भीड़ जुटी थी। यूक्रेन से लौटने वाले छात्र-छात्राओं के परिजन उन्हें सुरक्षित देखकर खुशी के आंसू बहाने लगे।

यूक्रेन से आया भारतीयों से भरा विमान
इस दौरान संजय पंडित नाम के बुजुर्ग ने अपने बेटे की वापसी पर संतुष्टि जताते हुए सरकार का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि, हमें बिल्कुल नहीं लग रहा था कि हमारे बच्चे वापस आएंगे। वहां हालत ऐसे हो गए थे कि पीने को पानी भी नहीं था। जैसे-जैसे जमीन की बर्फ वाला पानी पिया। सरकार ने सतर्कता दिखाई और वहां से फंसे बच्चों को निकाल लाई।

यह मोदीजी का बेटा है
"मैं कहना चाहता हूं कि यह मोदीजी का बेटा है, जो मेरा बेटा नहीं है। सूमी में परिस्थितियों को देखते हुए हमें कोई उम्मीद नहीं थी। मैं अपने बेटे को निकालने के लिए भारत सरकार का शुक्रगुजार हूं।" यह कहते हुए संजय रो दिए। उनकी पत्नी की भी आंखों से आंसू निकलने लगे।

वहां जीवित रहना भी मुश्किल था
युद्धग्रस्त यूक्रेन में सूमी से लौटे संजय के बेटे ध्रुव ने कहा, ''वहां जीवित रहना बहुत मुश्किल था, लेकिन वापस आकर राहत मिली है. ऑपरेशन गंगा को अंजाम देने के लिए भारत सरकार का शुक्रिया।''

18 हजार से ज्यादा भारतीयों की वापसी
इसी तरह अन्य परिजनों ने भी गहरी सांसें लीं। अंतत: सब सरकार का धन्यवाद कर रहे थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यूक्रेन से अब तक 18 हजार से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित वतन लाया जा चुका है। हालांकि, कुछ अभी भी फंसे हैं और उन्हें लाने के लिए विमान भेजे गए हैं।












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