'फिर आप हमें एंटी नेशनल बोलते हो...', फिलिस्तीन के मुद्दे को लेकर क्यों भड़कीं इल्तिजा मुफ्ती?
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की मीडिया सलाहकार इल्तिजा मुफ्ती ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन से निर्दोष फिलिस्तीनी लोगों पर इजरायल द्वारा किए गए अत्याचारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के लिए स्पष्टीकरण मांगा है।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए एक कार्यक्रम तैयार किया था। लेकिन, दुर्भाग्य से जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पार्टी नेतृत्व पर प्रतिबंध लगा दिया है और कई लोगों को या तो उनके आवासों या पुलिस लॉकअप में हिरासत में ले लिया है।

श्रीनगर में मीडिया से रूबरू हुईं इल्तिजा मुफ्ती ने यह भी कहा कि जब महबूबा मुफ्ती फिलिस्तीन के लिए विरोध प्रदर्शन करना चाहती थीं, तो उनके साथ लगभग दुर्व्यवहार किया गया। उन्हें शांतिपूर्वक विरोध करने की अनुमति नहीं दी गई। मैं यहां पूछना चाहती हूं कि ऐसा क्यों किया गया? 2019 से यहां का स्थानीय प्रशासन लगातार पीडीपी पर कार्रवाई कर रहा है। आप हमें राष्ट्र-विरोधी बताते हैं। लेकिन, जो गतिविधियां हम करना चाहते हैं वे शांतिपूर्ण हैं।
इजराइल के खिलाफ आवाज उठाने की इजाजत क्यों नहीं?
इल्तिजा ने कहा कि पीडीपी ने फिलिस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए एक विरोध कार्यक्रम की योजना बनाई है, जो इजरायल के हाथों अत्याचार का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत ही है, जो शुरू से ही फिलिस्तीन मुद्दे के साथ खड़ा है। लेकिन, हम यह नहीं समझ पा रहे हैं कि अधिकारी हमें इजराइल के खिलाफ आवाज उठाने की इजाजत क्यों नहीं देते?
पीडीपी क्यों टारर्गेेट पर ?
मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, इल्तिजा ने आगे कहा कि हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं, जहां हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन, 2019 के बाद यहां किसी को भी अपनी आवाज उठाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। पहले नई दिल्ली से पीडीपी को तोड़ने का आदेश आया और कई नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। इल्तिजा ने कहा, आज हमने फिलिस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया था। लेकिन, अधिकारियों को इस पर भी आपत्ति थी और हमारे नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि हम यह समझने में असमर्थ हैं कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन बार-बार पीडीपी को निशाना क्यों बना रहा है और हमारे नेतृत्व को लोकतांत्रिक अधिकारों का लाभ उठाने से क्यों रोक रहा है।












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