पूर्व DGP का दावा- जम्मू में घुसे पाकिस्तान के 600 SSG कमांडो, लेफ्टिनेंट कर्नल कर रहा हमले की प्लानिंग
Pakistan Commandos Infiltrate, केंद्र में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में आने के बाद पिछले 49 दिनों में जम्मू कश्मीर में 14 आतंकी हमले हुए हैं। जिनमें 15 जवानों की शहादत हुई है। जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में आतंकी हमलों में वृद्धि देखी गई है। लगातार हो रहे हमलों से स्थानीय लोग भी परेशान है।
हर दिन सेना और आतंकियों के बीच कोई ना कोई मुठभेड़ देखने को मिल रही है। अचानक से आतंकी गतिविधियों में हुए बढ़ोतरी को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वेद ने बड़ा दावा किया है।

जम्मू और कश्मीर, विशेषकर जम्मू में आतंकवादी हमलों में हुई बढ़ोतरी को लेकर पूर्व पुलिस प्रमुख शेष पॉल वेद ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना के एसएसजी कमांडो बड़ी संख्या में जम्मू एवं कश्मीर के इस हिस्से में घुसपैठ कर चुके हैं और अन्य भी घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं।
कश्मीर में घुसे 600 से अधिक SSG कमांडो-
एसपी वैद ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना के 600 से ज़्यादा एसएसजी कमांडो को चिन्हित किया गया है और उनमें से बड़ी संख्या में जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस हरकत के पीछे मकसद भारतीय सेना की 15वीं और 16वीं कोर को पूरी तरह से गुप्त युद्ध में उलझाए रखना था। उन्होंने कहा, "यह युद्ध की कार्रवाई है और हमें सतर्क रहना होगा। हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।
पाक सेना का लेफ्टिनेंट कर्नल भी कश्मीर में घुसा-
एसपी वैद ने खुलासा किया कि पाकिस्तान सेना के एसएसजी कमांडो का जीओसी आदिल रहमानी जम्मू-कश्मीर में घुसपैठियों को निर्देश दे रहा है। वैद ने दावा किया, "एक लेफ्टिनेंट कर्नल शाहिद सलीम है जो कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर चुका है। उसने सभी स्लीपर सेल एक्टिव कर दिए हैं। जम्मू-कश्मीर के इस हिस्से में घुसने के लिए दो और बटालियन तैयार हैं। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि ये हमले कितनी सटीकता से हो रहे हैं। यह युद्ध की कार्रवाई है और भारत को इसी के अनुसार जवाब देने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि भारत इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता।
सूत्रों के हवाले से जम्मू कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने कहा कि सीमा पार बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सेना के एसएसजी कमांडो तैनात किए गए हैं। अब तक, केवल कुछ ही घुसपैठ करने में कामयाब हुए हैं। बड़ी संख्या में एसएसजी कमांडो कश्मीर में घुसने की फिराक में हैं। हालांकि भारतीय लगातार घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने की कोशिश कर रही है।
क्या होते हैं एसएसजी कमांडो-
पाकिस्तान के एसएसजी कमांडो की तुलना भारतीय सेना के पैरा-एसएफ कमांडो से की जाती है। पाकिस्तान एसएसजी कमांडो को विदेशी आंतरिक रक्षा, टोही, डायरेक्ट एक्शन, आतंकवाद विरोधी और अपरंपरागत युद्ध में इस्तेमाल करता रह है। पाक सेना की यह यूनिट भारत, अफगानिस्तान, यमन समेत कई देशों में अपने ऑपरेशन को अंजाम दे चुकी है। 2010 में एसएसजी कमांडो की एक यूनिट ने हूती विद्रोहियों से निपटने में सऊदी अरब और यमन की मदद की थी। 2009 में तालिबान की ओर से बंधक बनाए गए 39 लोगों को एसएसजी ने बचाया था।
एसएसजी कमांडो पैराशूट से कूदने, तैरने, गोताखोरी में माहिर होते हैं। इन कमांडो को सबसे एडवांस्ट हथियार इस्तेमाल करने के लिए दिए जाते हैं। पाकिस्तान अपने इन कमांडोज को विशेष हथियार ट्रेनिंग, सैन्य नेविगेशन और रासायनिक विस्फोटकों को तैयार करना और उन्हें डिफ्यूज जैसी कड़ी ट्रेनिंग भी देता है।












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