Jammu Kashmir Election Result 2024: क्या J&K में 5 मनोनीत MLA बनाएंगे अगली सरकार?
Jammu and Kashmir nominated MLAs 2024: जम्मू और कश्मीर में वोटों की गिनती से पहले वहां की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आता दिख रहा है। जानकारी के अनुसार उपराज्यपाल केंद्रीय गृह मंत्रालय की सलाह पर चुनाव नतीजों से पहले न सिर्फ 5 विधायकों को मनोनीत करेंगे, बल्कि इन MLA को तमाम वो अधिकार और विशेषाधिकार प्राप्त होंगे, जो बाकी निर्वाचित सदस्यों के रहेंगे।
आकाशवाणी समाचार की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये पांच मनोनीत विधायक (nominated MLA) नई सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन विधायकों के पास उसी तरह के अधिकार और विशेषाधिका होंगे, जैसे कि बाकी अन्य निर्वाचित विधायकों के होंगे। मतलब, इन्हें सदन में मताधिकार भी प्राप्त होगा।

उपराज्यपाल के पास 2 महिला सदस्यों के मनोनयन का अधिकार
बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के मुताबिक उपराज्यपाल जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के लिए 2 महिला सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं, 'अगर उन्हें लगता है कि विधानसभा में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।'
2 कश्मीरी पंडित और 1 पीओके विस्थापित को भी एमएलए मनोनीत करने की व्यवस्था
जुलाई, 2023 में इस अधिनियम में संशोधन किया गया, जिसके बाद उपराज्यपाल को 3 और सदस्यों को असेंबली में विधायक के तौर पर मनोनीत करने की अधिकार मिल गया। इनमें दो सदस्य कश्मीर विस्थापित (कश्मीरी पंडित) होंगे; इनमें भी एक महिला होगी। तीसरा सदस्य 'पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoK) से विस्थापित व्यक्ति' होगा।
पुडुचेरी में भी मनोनीत विधायकों के पास है मतदान का अधिकार
जम्मू और कश्मीर की तरह पुडुचेरी भी केंद्र शासित प्रदेश है और वहां की विधानसभा में भी तीन मनोनीत सदस्य होते हैं; और उनके पास भी अन्य निर्वाचित सदस्यों की तरह ही मतदान का भी अधिकार होता है।
मनोनयन के साथ ही सदस्यों की संख्या होगी 95
जम्मू और कश्मीर में 90 सीटों के लिए चुनाव करवाए गए हैं, जिनके लिए 8 अक्टूबर को मतगणना होनी है। लेकिन, अगर लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा केंद्रीय गृह मंत्रालय की सिफारिश पर 5 सदस्यों को मनोनीत करने का फैसला करते हैं तो सदन के सदस्यों की संख्या बढ़कर 95 हो जाएगी।
बहुमत के लिए जादुई संख्या 46 से 48 हो जाएगी
ऐसे में अभी सरकार बनाने के लिए अगर जादुई आंकड़ा 46 विधायकों का है तो मनोनीत सदस्यों की वजह से यह संख्या बढ़कर 48 हो जाएगी, जिससे पूरा गणित बदल सकता है। क्योंकि, माना जा रहा है कि केंद्र में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार है और उसकी सिफारिश से जो सदस्य मनोनीत होंगे, उनका झुकाव पार्टी की तरफ हो सकता है।
विपक्ष कर रहा है कड़ा विरोध
कांग्रेस पार्टी ने इस तरह की खबरों पर पहले ही कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जम्मू कश्मीर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविंदर शर्मा ने शुक्रवार को कहा था, 'यह लोकतंत्र और उन लोगों के जनादेश के साथ धोखा है, जिन्होंने 90 एमएलए को चुनने के लिए मतदान किया है।' उनकी दलील थी कि उपराज्यपाल को मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम करना है और इस तरह का मनोनयन प्रावधानों का दुरुपयोग होगा।
जम्मू और कश्मीर में 8 अक्टूबर को होगी मतगणना
जम्मू कश्मीर की 90 सीटों के लिए तीन चरणों में मतदान करवाए गए हैं। इसमें कुल 64% लोगों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया है। जबकि, 1 अक्टूबर को हुए अंतिम दौर के चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़कर 70% तक गया था।
इन चुनावों में प्रमुख मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन के बीच है। पीडीपी अकेले ही चुनाव लड़ रही है। वहीं इंजीनियर राशिद की अवामी इत्तेहाद पार्टी और प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी ने आपस में तालमेल के साथ निर्दलीय उम्मीदवार खड़े किए हैं।












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