बडगाम या गांदरबल? दो सीटों पर चुनाव लड़ने वाले CM उमर अब्दुल्ला ने जानिए किस सीट से दिया इस्तीफा
Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने बडगाम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने परिवार का गढ़ गांदरबल सीट अपने पास रखा है। प्रो-टेम स्पीकर मुबारक गुल ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में इस बात की घोषणा की है।
जम्मू-कश्मीर विधासभा चुनाव में उमर अब्दुल्ला ने बडगाम या गांदरबल दोनों विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे और जीते थे। अब उन्होंने बडगाम सीट से इस्तीफा दे दिया है। बडगाम सीट पर उमर अब्दुल्ला 18 हजार वोटों से जीते थे। वहीं गांदरबल सीट से उमर अब्दुल्ला 10 हजार वोटों से जीते थे।

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गांदरबल सीट से उमर अब्दुल्ला के दादा भी रह चुके हैं विधायक
उमर अब्दुल्ला ने बडगाम सीट से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के उम्मीदवार आगा सैयद मुंतजिर मेहदी को 18,485 वोटों से हराया था। उमर अब्दुल्ला ने गांदरबल में पीडीपी के बशीर अहमद मीर को 10,574 वोटों से हराया था।
उमर अब्दुल्ला 2009 से 2014 तक गांदरबल से विधायक रहे, जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व उनके पिता फारूक अब्दुल्ला और दादा शेख अब्दुल्ला ने भी किया था। शेख अब्दुल्ला ने ही नेशनल कॉन्फ्रेंस की स्थापना की थी।
बडगाम से जाने के बाद 95 सदस्यीय विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों की संख्या 41 रह गई है। लेकिन पार्टी को छह कांग्रेस विधायकों, पांच निर्दलीयों और आप और माकपा के एक-एक विधायक के समर्थन से अभी भी पूर्ण बहुमत है।
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उमर अब्दुल्ला ने कश्मीरी भाषा में विधायक पद की शपथ ली
इससे पहले दिन में प्रोटेम स्पीकर मुबारक गुल ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीएम अब्दुल्ला ने कश्मीरी भाषा में शपथ ली। उमर अब्दुल्ला को अक्सर अपनी मातृभाषा नहीं बोल पाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ता था।
अब्दुल्ला परिवार की तीसरी पीढ़ी के राजनेता उमर अब्दुल्ला अंग्रेजी में धाराप्रवाह हैं, लेकिन 1990 के दशक के अंत में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत में हिंदी, उर्दू और कश्मीरी जैसी स्थानीय भाषाओं में उनका प्रवाह खराब था।
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