Indian Army Sadhna के लिए देवदूत बनी, प्रसव की नौबत आने पर सेना के डॉक्टर्स ने कराई डिलिवरी
Indian Army एक बार फिर देवदूत के रूप में सामने आई। किसी भी इमरजेंसी में राहत बनकर आने वाले सैनिकों ने बच्चे का सुरक्षित प्रसव कराने में सफलता पाई है।

Indian Army में देश सेवा किसी तपस्या या साधना से कम नहीं। शायद जम्मू कश्मीर में ऐसी ही एक साधना से प्रेरित सेना के वीर जवानों ने मेडिकल इमरजेंसी में बच्ची का जन्म कराया और उसका नाम साधना रख दिया।
भारतीय सेना के चिनार वॉरियर्स ने ट्वीट कर इस भावुक और रोमांचक मंजर के कुछ लम्हे शेयर किए। दो तस्वीरों के साथ शेयक की गई इस घटना के बारे में चिनार वारियर्स ने बताया कि गुरुवार को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में एक आपातकालीन डिलीवरी कराई गई।
सेना के मेडिकल एक्सपर्ट्स ने बचाई जान
खबरों के अनुसार, साधना दर्रा (Sadhna Pass)के पास हुई मेडिकल इमरजेंसी के समय एनसी दर्रे के अनुभवी प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ ने जच्चा-बच्चा की जान बचाने में अहम भूमकि निभाई।
समय रहते प्रसव होने पर बच गई जान
चिनार वॉरियर्स आपात परिस्थिति में समय पर पहुंचे और जरूरी मेडिकल उपाय किए गए। समय रहते डिलिवरी करवाई गई जिससे मां और बच्ची की जान बचाई जा सकी।
सेना से शौर्य को 'साधना' का सलाम
भारतीय सेना के प्रयासों का सम्मान करने के लिए नवजात बच्ची का नाम साधना रखा गया है। इस मामले में श्रीनगर के रक्षा प्रवक्ता (पीआरओ) ने बताया, 18 मई को साधना दर्रे पर एक अभूतपूर्व घटनाक्रम हुआ।
इमरजेंसी में सेना की जीवन रक्षक कार्रवाई
श्रीनगर के डिफेंस पीआरओ ने कहा, कठिन परिस्थितियों में एक बच्ची का जन्म हुआ। साधना दर्रे में भारतीय सेना के चिकित्सा कर्मचारी समय रहते बेहद महत्वपूर्ण और जीवन रक्षक कार्रवाई में जुट गए
मां और नवजात दोनों ठीक हैं
दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सेना के मेडिकल एक्सपर्ट ने आपातकालीन प्रसव में सहायता की। मां और नवजात शिशु दोनों ठीक हैं। उन्हें जरूरी और हरसंभव मेडिकल असिस्टेंस दिया जा रहा है।
हिमस्खलन में भी मदद को आती है सेना
गौरतलब है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा में सेना की मदद लेने पर जनहानि को कम किया जा सकता है। गत जनवरी में गांदरबल में हुए हिमस्खलन में 170 से अधिक लोगों को रेस्क्यू करने में भी सैन्य दल ने गजब का घैर्य और शौर्य दिखाया था।












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