बारामूला: अमित शाह बोले- कश्मीर पहले आतंक का हॉटस्पॉट था,अब टूरिज्म का है
बारामुला, 05 अक्टूबर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने कश्मीर दौरे के दूसरे दिन बारामुला में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान अपने संबोधन में पाकिस्तान का जिक्र करते हुए साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान से किसी प्रकार की कोई बात नहीं की जाएगी। शाह ने कहा कि, जो इलाका पहले आतंकी हॉटस्पॉट था, अब यह टूरिज्म हॉटस्पॉट है। महबूबा और फारूक ने कश्मीर के युवाओं के हाथ में पत्थर और बंदूक पकड़ाई।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मोदी जी का शासन मॉडल विकास और रोजगार लाता है। जबकि गुप्कर मॉडल युवाओं के हाथों में पत्थर और बंदूकें पेश करता है। मोदी के मॉडल और गुप्कर मॉडल में बहुत अंतर है। मोदी मॉडल में युवाओं के लिए आईआईएम, आईआईटी, एम्स और नीटहैं। युवाओं को पत्थर नहीं, पढ़ाई-लिखाई चाहिए। अमित शाह आगे बोले, मतदाता सूची तैयार करने का काम पूरा होते ही जम्मू-कश्मीर में पूरी पारदर्शिता के साथ चुनाव होंगे।
अमित शाह ने कहा कि, जिन्होंने यहां 70 साल राज किया वे मुझे पाकिस्तान से बात करने की सलाह देते हैं। मैं पाकिस्तान से बात नहीं करना चाहता। मैं कश्मीर के युवाओं से बात करना चाहता हूं। पहले यह टेररिस्ट हॉटस्पॉट था, आज टूरिस्ट हॉटस्पॉट है। पहले यहां हर साल 6 लाख सैलानी आते थे। अक्टूबर तक 22 लाख सैलानी आए हैं। इससे कई युवाओं को रोजगार मिला है।
गृह मंत्री ने कहा पहले कश्मीर में जम्हूरियत की व्याख्या थी- तीन परिवार, 87 विधायक और 6 सांसद। प्रधानमंत्री जी ने जम्मू-कश्मीर में जम्हूरियत को जमीन तक, गांव तक पहुंचाने का काम किया है। पीएम मोदी ने इंडस्ट्री लाकर युवाओं के हाथ में मोबाइल और नेटवर्क पकड़ाया है आतंकवाद से किसी का भला नहीं सकता। 42 हजार लोग आतंकवाद के भेंट चढ़ गए।
अमित शाह ने कहा कि, इसके लिए कौन जिम्मेदार, जिन तीन परिवारों ने शासन किया वो जिम्मेदार हैं लेकिन अब आतंकवाद धीरे-धीरे समाप्ती की ओर जा रहा है। उन्होंने कहा कि, 1947 से 2014 तक सिर्फ चार मेडिकल कॉलेज बने और 2014 से 2022 तक 9 कॉलेज बनाए गए हैं। 370 के हटने से दलित, पिछड़े, गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ी समुदाय को आरक्षण मिलेगा।
उन्होंने कहा कि, उमर अब्दुल्ला लोगों को भड़का रहे हैं कि गुज्जर-बकरवाल का आरक्षण छीना जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा। पहाड़ियों को भी मिलेगा और गुज्जर-बकरवाल का हक भी नहीं छिना जाएगा। पिछले 70 सालों से मुफ्ती एंड कंपनी, अब्दुल्ला के बेटे यहां सत्ता में थे लेकिन 1 लाख बेघर लोगों के लिए आवास उपलब्ध नहीं कराया। मोदी जी ने 2014-2022 के बीच इन 1 लाख लोगों को घर दिया।












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