कश्मीर: आतंकियों के डर से 10 कश्मीर पंडित परिवारों ने छोड़ी घाटी, पीछे छोड़ दी सेब की फसल
कश्मीर घाटी में इस साल कश्मीर पंडितों को निशाना बनाकर कई हत्याएं की गई हैं। लगातार कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाए जाने के बाद कई परिवार डर के साए में जी रहे हैं। इसकी के चलते दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में रहने वाले 10 कश्मीरी पंडित परिवार घाटी छोड़कर पलायन कर जम्मू पहुंच गए हैं। बता दें कि केंद्र सरकार की कश्मीरी पंडितों को घाटी वापस लाने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है।

दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के चौधरीगुंड गांव के निवासियों ने कहा कि हाल के हुए आतंकवादी हमलों ने स्थानीय पंडितों के बीच डर पैदा कर दिया है। बता दें कि, 1990 के दशक में जब कश्मीर में आतंकवाद अपने चरम पर था, तभी भी ये परिवार घाटी में डटे रहे। उन्होंने अपने घरों को नहीं छोड़ा, लेकिन अब वे अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए हैं।
मौत की धमकी का सामना करने वाले चौधरीगुंड गांव के निवासी नेबताया, 35 से 40 कश्मीरी पंडितों वाले दस परिवार डर के कारण हमारे गांव से चले गए हैं। गांव अब खाली हो गया है। एक अन्य ग्रामीण ने कहा, हमारे लिए कश्मीर घाटी में रहने के लिए स्थिति अनुकूल नहीं है। हम हत्या के डर में जी रहे हैं। हमारे लिए किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार सुरक्षा की गुहार लगाने के बावजूद उनके गांव से दूर एक पुलिस चौकी बनाई गई है। गांव वालों ने बताया कि, गांव छोड़कर गए ये परिवार अपने पीछे सब कुछ अपने घरों में छोड़ गए हैं। यहां तक कि हाल ही में उनके घरों में आई सेब की फसल को भी छोड़ गए हैं। ये परिवार जम्मू पहुंचे हैं वे अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं।
कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट को 15 अक्टूबर को शोपियां जिले के चौधरीगुंड गांव में उनके पुश्तैनी घर के बाहर आतंकवादियों ने गोली मार दी थी। पूरन कृष्ण भट्ट के भाई, उनकी पत्नी और उनकी बहन ने सरकार से कातिलों को जल्द से जल्द पकड़ने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि अभी तक पुलिस उन्हे पकड़ने में विफल रही है। इस दौरान उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि उनके परिवारों केसाथ छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। परिवार को सरकार से कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद 18 अक्टूबर को शोपियां में मोनीश कुमार और राम सागर को आतंकवादियों ने ग्रेनेड हमले में मार डाला था। जब वे अपने किराए के आवास में सो रहे थे।












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