Rajasthan: लंपी वायरस की रोकथाम में अलर्ट मोड पर सरकार, प्रभारी मंत्रियों को जिलों के दौरों पर जाने के निर्देश
जयपुर, 5 अगस्त। राजस्थान में लंबी वायरस से गोवंश बचाने के लिए गहलोत सरकार सतर्क हो गई है। सीएम गहलोत ने प्रभारी मंत्रियों को तत्काल अपने प्रभार वाले जिलों में जाने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी मंत्री जिलों में आवश्यक दवाइयां और टीकों की व्यवस्था करेंगे। इसके बाद मंत्री सरकार को रिपोर्ट देंगे। सीएम गहलोत ने लंबी वायरस को लेकर लंबी रिव्यू मीटिंग ली है। राजस्थान में इस वायरस से 4 हजार से ज्यादा गोवंश की अकाल मौत हो गई है। प्रदेश के 16 जिलों में लंबी वायरस का खतरा बना हुआ है। तकरीबन एक लाख गोवंश वायरस से प्रभावित हुआ है।

लंबी वायरस से पश्चिमी राजस्थान बेहाल
लंपी वायरस का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी राजस्थान में हुआ है। प्रदेश के जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, बाड़मेर, पाली, सिरोही, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, नागौर, जयपुर, अजमेर, सीकर, झुंझुनू और उदयपुर में बड़ी संख्या में गोवंश प्रभावित हुआ है। हाल ही में केंद्रीय टीम ने भी राजस्थान का दौरा किया है। राज्य के पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने जोधपुर का दौरा कर हालात का जायजा लिया। राज्य सरकार ने वायरस की रोकथाम के लिए कलेक्टर को बजट भी आवंटित कर दिया है। सरकार ने प्रभावित 16 जिलों में अतिरिक्त पशु चिकित्सकों और पशुधन सहायकों को तैनात कर दिया है। सबसे ज्यादा प्रभावित 10 जिलों में 30 पशु चिकित्सक और 103 पशुधन सहायक लगाए गए हैं। संक्रमण से प्रभावित जिलों में उपचार के लिए दवाओं की सप्लाई के आदेश भी दिए गए हैं। एक करोड़ का अतिरिक्त बजट अधिकारियों को दवा खरीदने के निर्देश के साथ दिया गया है। मॉनिटरिंग के लिए 30 अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था की गई है।

गहलोत सरकार पूरी तरह सतर्क
लंबी वायरस को लेकर पशुपालन मंत्री से लेकर मुख्य सचेतक सतर्क हो गए हैं। इस रोग की रोकथाम के लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने सचिवालय में अधिकारियों संग बैठक कर हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लंपी वायरस से प्रदेश के 16 जिलों में सबसे ज्यादा बाड़मेर और श्रीगंगानगर जिले प्रभावित है। यहां 830 और 840 गोवंश की मौत हुई है।













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