Rajasthan Election: राजस्थान में स्टार प्रचारकों की सभाएं बदलेगी चुनावी समीकरण!
Rajasthan Election: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विधानसभा चुनावों के चलते राजस्थान में लगातार जनसंपर्क के लिए रैलियों और जनसभाओं को संबोधित करने आ रहें हैं। पीएम मोदी बुधवार को भी बाड़मेर के बायतु क्षेत्र में रहेंगे, यहां भी जनसभा है। वहीं 18 नवंबर को भरतपुर और नागौर में पीएम मोदी की जनसभा है। तो वहीं देश के गृहमंत्री अमित शाह भी 16 नवंबर को टोंक और राजसंमद में रोड शो करेंगे। 18 नवंबर को बूंदी और अजमेर में रोड शो और जनसभा को संबोधित करेंगे।
वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी जोधपुर, जैसलमेर विधानसभा में जनसभा करेंगे। कांग्रेस से राहुल गांधी की 16 नवंबर को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में रैली है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पीएम मोदी सहित अन्य स्टार प्रचारकों की रैली और जन सभाएं कौन और कैसे तय होती है। दरअसल, जहां पार्टी अपने उम्मीदवार और क्षेत्र में स्टार प्रचारक के प्रभाव को देखते हुए जनसंपर्क कराती है। कहीं क्षेत्र आधारित, तो वहीं जतिय समीकरण के चलते स्टार प्रचारकों से सभाएं कराई जाती है।

पीएम एक सभा से साधेंगे 7 सीटें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुधवार को बाड़मेर के बायतु क्षेत्र में जनसभा है। भारतीय जनता पार्टी बाड़मेर जिले की 7 विधानसभा सीटों को साधने की कोशिश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा का आयोजन करवा रही है। 2018 के विधानसभा के चुनाव में भाजपा को बाड़मेर जिले की 7 विधानसभा सीटों में से 6 सीटों पर बुरी तरह से हार हुई थी। इसके बाद स्थानीय प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व के लिए बाड़मेर जिला बड़ा चुनौती बना हुआ था। इस बार भी भारतीय जनता पार्टी ने बाड़मेर जिले में अपने उम्मीदवारों के चयन खासी मशक्कत करनी पड़ी। खासकर बाड़मेर शिव और पचपदरा विधानसभा सीट के प्रत्याशी की घोषणा नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय से कुछ ही पहले करनी पड़ी, लेकिन टिकट बंटवारे के साथ ही भाजपा में जबरदस्त विरोध देखने को मिला।
पचपदरा में पूर्व मंत्री अमराराम चौधरी के बेटे अरुण चौधरी को टिकट मिलने के बाद पार्टी के ही पूर्व जिलाध्यक्ष ने बगावत करते हुए निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया। इसके बाद पार्टी के नेताओं को खासी मशक्कत करनी पड़ी और आखिरकार उन्हें तो मान लिया गया, लेकिन बाड़मेर की शिव विधानसभा सीट से भाजपा ने जिला अध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा को टिकट देकर मैदान में उतारा। उनके विरोध में 10 दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी जोधपुर के निर्दलीय छात्र संघ अध्यक्ष रहे रविंद्र सिंह भाटी पूर्व विधायक जालम सिंह रावलोत और 2018 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रहे। जिला उपाध्यक्ष खंगार सिंह सोढा ने बगावत के बिगुल फूंक दिए हालांकि इसके बाद पार्टी द्वारा चली मान मनोवल में सोढा को तो मना लिया गया। लेकिन रविन्द्र सिंह भाटी और जालम सिंह रावलोत के मैदान में उतरने के चलते भाजपा के तीसरे या चौथे स्थान पर रहने के हालात बने हुए है।
विरोध के चलते बदली जगह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा पहले बाड़मेर जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित थी, लेकिन बाड़मेर विधानसभा सीट से दावेदार प्रियंका चौधरी की पूर्व राज्यपाल सतपाल मलिक से वित्तीय लेनदेन के आरोप और ईडी की छापेमारी के टिकट काटी गई। जिसके बाद बाड़मेर जैसलमेर सांसद एवं केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी और भारतीय जनता पार्टी के विरुद्ध जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में भी आकर्षित समर्थ को द्वारा विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते यह जनसभा बाड़मेर जिला मुख्यालय की जगह अब बायतु में रखी गई है। देखने वाली बात होगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह जनसभा बाड़मेर जिले में भारतीय जनता पार्टी के लिए विधानसभा चुनाव में कितना फायदेमंद साबित होती है।
पीएम के बाद राहुल की होगी सभा
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के बाद में राहुल गांधी की भी सभा रखी गई है और हरीश चौधरी और राहुल गांधी के बीच में जो संबंध है वह इस चुनाव में भी देखने को मिलेंगे और पिछली बार की तरह इस बार भी कांग्रेस के पक्ष में माहौल लग रहा है। राहुल गांधी की 16 नवंबर को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में रैली है। पंजाब से सटे होने के बावजूद यहां आप पार्टी का कोई खासा असर नहीं है। ऐसे में यहां की सीटों को कांग्रेस साधने में लगी है।
अमित शाह की रैली का असर
देश के गृहमंत्री अमित शाह भी 16 नवंबर को टोंक और राजसंमद में रोड शो करेंगे। 18 नवंबर को बूंदी और अजमेर में रोड शो और जनसभा को संबोधित करेंगे। टोंक हॉट सीट है यहां से कांग्रेस के स्टार प्रचारक और दिग्गज नेता पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट चुनाव लड़ रहें हैं। ऐसे में सचिन पायलट को घेरने के लिए बीजेपी के चाणक्य यहां संध मारने की तैयारी में हैं। वहीं अजमेर भी बीजेपी का गढ़ माना जाता है, लेकिन पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर से हिन्दूत्व का कार्ड खेलकर पूरे संभाग में बीजेपी को जीताने की तैयारी है।
ओवैसी - मायावती की सभाएं भी डालेंगी असर
जीतने के लिए बेशक ना सही, लेकिन हराने और दूसरी पार्टी को जीताने की नीति के साथ अन्य दल भी चुनावी मैदान में हैं। इसमें (AIMIM) से असदुद्दीन ओवैसी भी टोंक,जयपुर, गंगापुर सिटी और सवाई माधोपुर में जनसभाएं कर चुके हैं। आने वाले दिनों में राजस्थान में और भी सभाएं होगी। वहीं क्षेत्रिय पार्टी आरएलपी भी अपने प्रत्याशियों के साथ मैदान में पूरी ताकत से कुछ सीटें जीतने में लगी है। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रिमो 17 नवंबर से 20 नवंबर तक राजस्थान दौरे पर हैं। इस दौरान मायावती एससी/एसटी वोटर्स की नब्ज टटोलती नज़र आएंगी। चार दिन में 8 जिलों में मायावती की सभाएं हैं। जिसमें धौलपुर, भरतपुर, करौली, खेतड़ी, गंगापुर, लाडनू और अलवर शामिल है।












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