राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया बदलना चाहते हैं अपनी सीट, दर्जनभर नेता तलाश रहे अन्य सीटों पर संभावनाएं
जयपुर, 25 अगस्त। राजस्थान में विधानसभा चुनाव में जीत के दावे करने वाले नेता अपनी ही सीट पर खुद की जीत को लेकर असहज है। राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता अपनी सीट बदलना चाह रहे हैं। प्रदेश में 2023 के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव में दोनों प्रमुख दलों ने चुनाव के लिए जतन करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश में दोबारा सरकार में आने का दावा कर रही है। वहीं भाजपा नेता पीएम मोदी और कमल के निशान पर चुनाव में शानदार प्रदर्शन की बात कर रहे हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया अभी आमेर से विधायक हैं। पूनिया अब जयपुर शहर की झोटवाड़ा और सांगानेर सीट पर संभावना तलाशने की खबर हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भाजपा अध्यक्ष आमेर सीट से खुद की जीत को लेकर असहज हैं। पार्टी के दर्जनभर से ज्यादा नेता अन्य सीटों पर संभावनाएं तलाश रहे हैं।

दर्जनभर दिग्गज नेता बदलना चाहते हैं सीट
राजस्थान में भाजपा के कई दिग्गज नेता सेफ सीट से चुनाव लड़ना चाह रहे हैं। ऐसे में सतीश पूनिया अभी आमेर से विधायक है। पूनिया अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए जयपुर की झोटवाड़ा और सांगानेर सीट पर संभावनाएं तलाश रहे हैं। पूनिया आमेर से पहली बार विधायक चुने गए हैं। वह अभी प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी हैं। वही उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ चूरू से विधायक हैं। राठौड़ जयपुर की झोटवाड़ा और विद्याधर नगर सीट पर संभावना तलाश रहे हैं। राजयसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी सीकर सीट से, पूर्व मंत्री प्रेम सिंह बाजौर दातारामगढ़ और झुंझुनू, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी आमेर और सांगानेर, पूर्व मंत्री यूनुस खान लाडनूं और लक्ष्मणगढ़, पूर्व सांसद डॉ. जसवंत यादव अलवर की बानसूर और तिजारा, पूर्व मंत्री प्रभु लाल सैनी देवली उनियारा और हिंडौली, पार्टी की राष्ट्रीय मंत्री अलका सिंह गुर्जर देवली उनियारा और केकड़ी सीट, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह विराटनगर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ कोटपूतली और विद्याधर नगर, सांसद चंद्र प्रकाश जोशी चित्तौड़गढ़ और मावली सीट पर अपनी जीत की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

पार्टी के भीतर सीएम फेस को लेकर गुटबाजी
राजस्थान में भाजपा में मुख्यमंत्री को चेहरे को लेकर पार्टी के भीतर गुटबाजी जगजाहिर है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थक शीर्ष नेतृत्व पर लगातार उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव बनाए हुए हैं। इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया बार-बार विधानसभा चुनाव पीएम मोदी और कमल के निशान पर लड़े जाने की बात दोहराते हैं। वसुंधरा राजे चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रदेश में सक्रिय हैं। हाड़ौती में बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने के बाद अब वसुंधरा बीकानेर संभाग के दौरे पर जाने की तैयारी में जुटी है। वहीं पिछले दिनों सतीश पूनिया ने जयपुर में गहलोत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस दौरान पार्टी की गुटबाजी फिर सामने आई थी। इस प्रदर्शन से वसुंधरा राजे के समर्थक विधायकों और नेताओं ने दूरी बनाए रखी। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व बार-बार प्रदेश नेतृत्व को एकजुटता का संदेश देता नजर आता है।













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