Power Crisis 2021 : राजस्थान में बिजली के आधे प्लांट हुए बंद, 2 प्लांट में 4 दिन से भी कम का कोयला बचा
जयपुर, 7 अक्टूबर। देश में बिजली संकट गहरा सकता है। यह सब कोयले की कमी के चलते होने की आशंका है। बिजलीघरों को मांग के अनुरूप कोयला की सप्लाई नहीं हो पा रही है।

छबड़ा थर्मल और सूरतगढ़ थर्मल प्लांट हुए बंद
राजस्थान में छबड़ा थर्मल और सूरतगढ़ थर्मल प्लांट तो बंद हो चुके हैं जबकि कोटा र्थल व अडानी के कवाई स्थित थर्मल पावर स्टेशन में भी महज चार दिन का कोयला बचा है। राजस्थान के अधिकांश पावर प्लांट में कोल इंडिया से ही कोयला की सप्ताई होती है। पहले भुगतान में देरी के चलते झालावाड़ की काली सिंध पावर प्लांट 20 दिन बंद हो गया था। इसके बाद छबड़ा व सूरतगढ़ यूनिट भी बंद हो गई।

16 बिजलीघर हो चुके हैं बंद
दैनिक भास्कर ने सेंट्रल इलेक्टिसिटी अथॉरिटी की ताजा रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि देश में कुल 135 बिजलीघरों में से 108 में सात दिन से भी कम का कोयला बचा है। इनमें 16 बिजलीघर कोयला खत्म होने के कारण बंद हो चुके हैं।

32410 मेगावाट बिजली की कमी होने की आशंका
कोयला खदानों में पानी भरने के कारण कोल इंडिया कंपनी देशभर के बिजलीघरों की जरूरत के अनुसार सप्लाई नहीं कर पा रहा है। देश में 25 प्लांट ऐसे हैं, जिनमें महज एक दिन का कोयला बचा है। यदि जल्द ही कोयले की ट्रेन नहीं पहुंची तो 32410 मेगावाट बिजली की कमी हो जाएगी जबकि 17475 मेगावाट बिजली की कमी पहले से ही है।

देश में 108 प्लांट की स्थिति गंभीर
सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के अनुसार पावर प्लांट में शून्य से पांच दिन का कोयला स्टॉक होने पर सुपर क्रिटिकल मानते हैं। सात से पांच दिन का कोयला होने पर क्रिटिकल माना जाता है। 108 प्लांट इस वक्त क्रिटिकल या सुपर क्रिटिकल स्थिति में है।

हरियाणा, कर्नाटक व झारखंड की स्थिति
बता दें कि अगर अन्य राज्यों की करें तो हरियाणा के पांच में से तीन पावर प्लांट के पास कोयला नहीं बचा है। दो प्लांट के पास महज पांच दिन का कोयला शेष है। कर्नाटक के चार पावर प्लांट में से सिर्फ एक दिन का ही कोयला बचा है। झारखंड के सात पावर प्लांट में से पांच के पास एक ही दिन का कोयला है।












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