माही के पानी पर सियासत : गुजरात के मंत्री जीतू वाघाणी और राजस्थान के मंत्री महेंद्रजीत मालवीय आमने-सामने
जयपुर, 2 दिसम्बर। राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार में मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद पानी पर सियासत शुरू हो गई है, जिसके चलते राजस्थान और गुजरात के दो मंत्री आमने-सामने हो गए। यह विवाद राजस्थान में मध्य प्रदेश और गुजरात से लगते बांसवाड़ा जिले में माही बांध के पानी को लेकर है।

मंत्री बनते ही मालवीया ने जल संसाधन विभाग अधिकारियों की बैठक ली
हुआ यूं कि राजस्थान सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार में बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा से विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीया को जल संसाधन मंत्री पद मिला। मंत्री बनते ही मालवीया ने जयपुर में जल संसाधन विभाग अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत मालवीया ने कहा कि माही बांध का पानी गुजरात को नहीं दिया जाएगा। मालवीया के इस बयान पर गुजरात ने पलटवार किया और वहां आयोजित कैबिनेट की बैठक मामला उठा।

मालवीया के बयान को राजनीतिक स्टंट बताया गया
गुजरात सरकार के कैबिनेट की बैठक में राजस्थान के जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के बयान को राजनीतिक स्टंट बताया गया। दोनों राज्यों के बीच दरार बढ़ाने का काम करने वाला बयान बताया है। वहींं, गुजरात के शिक्षा मंत्री व प्रवक्ता जीतू वाघानी ने कहा कि राजस्थान माही बांध का पानी नहीं देगा तो गुजरात के खेड़ा जिले को कोई फर्क नहीं होगा लेकिन पानी लोगों के लिए मूलभूत आवश्यकता है इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
1966 में हुआ अंतरराष्ट्रीय जल समझौता
गौरतलब है कि गुजरात और राजस्थान के बीच 1966 में हुए अंतरराष्ट्रीय जल समझौते को आधार बताते हुए कहा गया है कि गुजरात के खेड़ा क्षेत्र में नर्मदा का पानी नहीं पहुंचने तक माही बांध का 40tmc पानी देने तय हुआ था माही का पानी नर्मदा तक पहुंच गया है।

खेड़ा में नर्मदा का पानी नहीं पहुंचने तक पानी देना था
वहीं, दूसरी ओर राजस्थान के केबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया का कहना है कि 1966 के समझौते में गुजरात के खेड़ा में नर्मदा का पानी नहीं पहुंचने तक पानी देना था अब हम पानी कैसे दे पाए? उनका तो काम हो गया। वहीं गुजरात सरकार को 559 करोड़ रुपए जो देने हैं। वह हम देने को तैयार हैं। इसमें कोई तनाव की बात नहीं है। तनाव तो गुजरात की सरकार पैदा कर रही है जो समझौता हुआ उस पर बात करेंगे तो सामने आ जाएगी।
मंत्री महेंद्र सिंह मालवीया सुर्खियों में रहते हैं
बता दें कि राजस्थान के उदयपुर संभाग में कद्दावर कहे जाने वाले जनजाति क्षेत्र से मंत्री महेंद्र सिंह मालवीया बहुत सुर्खियों में रहते हैं। जल संसाधन मंत्री पद मिलने के बाद दोबारा उन्होंने दो राज्यों के बीच में एक तरह की नई जंग छेड़ दी है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या राजस्थान सरकार 500 करोड़ रुपए गुजरात सरकार को दे पाएगी या फिर जल समझौते को निरस्त किया जाएगा या फिर मनमानी कर दी जाएगी यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा।
बता दें कि राजस्थान के वागड़ क्षेत्र में स्थित माही डैम बजाज सागर बांध में कुल 70 टीएमसी भराव क्षमता का बांध है। इस बांध का पानी 40 टीएमसी तक गुजरात को देना तय हुआ है। इस पानी को लेकर सियासत गरमा गई है।












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