OPINION: सामाजिक सुरक्षा के जरिए अशोक गहलोत बदल रहे प्रदेशवासियों की तकदीर, जानिए क्या है मुख्यमंत्री की योजना

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश में आमजन के कल्याण के लिए सरकारी योजनाएं तो लगातार लेकर आते ही रहे हैं। इसी के साथ सीएम गहलोत देश और प्रदेश के बाशिंदों के लिए सामाजिक सुरक्षा कानून की भी पैरवी करते नजर आते हैं। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कई बार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं। सीएम गहलोत सार्वजनिक मंचों और मीडिया की मौजूदगी में सामाजिक सुरक्षा की बात करते नजर आते हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्थान में काफी हद तक सामाजिक सुरक्षा कानून को स्थापित करने की कोशिश की है। हाल ही में सीएम गहलोत ने प्रदेश के 50 लाख लोगों के खाते में 1007 करोड़ रुपए से ज्यादा की सामाजिक सुरक्षा पेंशन डाली है। सीएम गहलोत गुरुवार को राज्य के सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों से वीसी के जरिए संवाद करेंगे। इसके साथ ही गहलोत सरकार महंगाई राहत शिविरों में भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पंजीकरण कर रही है। जिससे आमजन को लाभ हो रहा है।

क्यों जरूरी हैं सामाजिक सुरक्षा कानून

मानव एक सामाजिक प्राणी है। सामाजिक प्राणी होने की वजह से उसे कई आवश्यकताओं का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी वह दूसरों को आश्रय भी प्रदान करता है। तो कभी उसे खुद दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। आधुनिक युग में वह कई प्रकार की दुर्घटनाओं का शिकार हो सकता है। इन दुर्घटनाओं से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना जरूरी है। सामाजिक सहायता और सामाजिक बीमा का वह मिश्रण। जिसमें अलग-अलग जोखिमों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसके लिए एक व्यापक योजना की उपस्थिति और पर्याप्त सुरक्षा का प्रावधान इस कार्यक्रम की दो विशेषताएं हैं। ताकि व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा योजना के प्रति आत्मीयता महसूस कर सकें और कठिनाई के समय में इस पर निर्भर हो सकें। इसी के लिए राजस्थान की गहलोत सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

ashok gehlot

महंगाई राहत शिविर में 50 लाख लोग लाभांवित

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में दो दिन पहले एक साथ 50 लाख लोगों के खाते में 1007 करोड़ रुपए से ज्यादा की सामाजिक सुरक्षा पेंशन डाली है। इस मौके पर मुख्यमंत्री गहलोत ने सीएमआर से प्रदेशभर के लाभार्थियों के साथ विडियो कांफ्रेंस के जरिये बातचीत भी की। सीएम गहलोत ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकारे जो नहीं कर पा रही है। वह उनकी सिंगल इंजन की सरकार पूरा करके दिखा रही है। सीएम गहलोत ने यह भी कहा की उनकी सरकार योजनाओं का लाभ देकर जनता पर एहसान नहीं कर रही है। बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह सबके साथ न्याय करें। आपको बता दें 24 अप्रैल से राजस्थान में शुरू हुए महंगाई राहत कैंपों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 50 लाख से ज्यादा लाभार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

प्रदेश में 93.50 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन

प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली के मुताबिक राज्य में 7 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अन्तर्गत वृद्धजन, एकल नारी, विशेष योग्यजन तथा लघु एवं सीमान्त किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 93.50 लाख व्यक्तियों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सीएम गहलोत ने वर्ष 2023-24 के बजट में 75 वर्ष तक की आयु के लाभार्थियों को देय न्यूनतम पेंशन राशि बढाकर 1000 रुपए प्रतिमाह करने और इसमें प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की स्वतः बढोतरी करने की घोषणा की थी।

रामलीला मैदान में सीएम गहलोत का आभार जताएंगे लाभार्थी

राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में की गई बढ़ोतरी एवं इसमें प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की स्वत: वृद्धि करने के संवेदनशील फैसले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार जताने के लिए गुरुवार को बड़ी संख्या में पेंशनर्स जयपुर के रामलीला मैदान में एकत्रित होंगे। सीएम गहलोत वीसी के जरिए इन पेंशनर्स से संवाद करेंगे। आपको बता दें कि सीएम गहलोत के इस फैसले के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान द्वारा जयपुर में पेंशनर्स कार्यक्रम का यह आयोजन प्रस्तावित है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पेंशनर्स शहीद स्मारक से रामलीला मैदान पहुंचेंगे।

देखिए राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की पूरी सूची

https://hindi.oneindia.com/list-of-chief-ministers-of-rajasthan/

सामाजिक सुरक्षा के लिए मिनिमम गारंटी इनकम कानून लाएगी गहलोत सरकार

राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रहे लोगों की पेंशन में अब हर साल 15 फीसदी बढ़ोतरी करना कानूनी रूप से जरूरी होगा। नरेगा के तहत गांवों और शहरों में 125 दिन का रोजगार देना भी कानून बनाकर अनिवार्य किया जाएगा। गहलोत सरकार चुनावी साल में मिनिमम गारंटी इनकम का कानून लाने जा रही है। राज्य सरकार विधानसभा में 14 जुलाई को ही महात्मा गांधी मिनिमम गारंटी इनकम बिल 2023 लेकर आ रही है। इस बिल में महात्मा गांधी मिनिमम गारंटी योजना एक्ट लागू करने का प्रावधान होगा। मिनिमम इनकम गारंटी योजना में बुजुर्ग, विधवा, एकल महिला को कम से कम 1000 रुपए हर महीने पेंशन देने का प्रावधान भी शामिल होगा। गांव और शहरों में नरेगा के तहत 125 दिन रोजगार देने का प्रावधान होगा। गहलोत सरकार ने इस योजना के लिए 2500 करोड़ रुपए एक्स्ट्रा बजट का प्रावधान किया है।

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