आतंकी ट्रेनिंग की सूचना पर राजस्थान के चार जिलों में NIA-ED रेड, PFI का हेड केरल से गिरफ्तार
जयपुर, 22 सितम्बर। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और इससे जुड़े लोगों, संस्थानों द्वारा बच्चों को आंतकी ट्रेनिंग देने के इनपुट पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने राजस्थान, यूपी व बिहार में सौ से ज्यादा जगहों पर छापे मारे हैं। वहीं, पीएफआई के राजस्थान हेड आसिफ को केरल से पकड़ा है।

इस बड़ी कार्रवाई का लेकर NIA या ED की तरफ से कोई ऑफिशियल जानकारी शेयर नहीं की गई है। हालांकि मीडिया रिपोर्टस में बताया जा रहा है कि राजस्थान के कोटा, बारां से एक एक और उदयपुर से दो संदिग्ध लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। उनसे पीएफआई के संबंधों के बारे में पूछताछ की जा रही है। राजस्थान के बारां में NIA की 40 सदस्यों की टीम नगर परिषद कार्यालय में रुकी हुई है। ईडी, सीआरपीएफ और लोकल पुलिस की मौजूदगी में कोटा में भी NIA की टीम कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार एनआईए व ईडी की रेड में कोटा के सांगोद में देर रात पूर्व पार्षद के बेटे को हिरासत में लिया गया है, जिसके विरोध में गुरुवार सुबह कुछ लोग थाने के सामने इकट्ठा हो गए। विज्ञान नगर इलाके में भी टीम ने अल सुबह कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों से पूछताछ की। इधर, उदयपुर के खंजीपीर इलाके के रहने वाले दो युवकों देर रात टीम पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। हिरासत में लिए गए मोहम्मद इरफान और मोहम्मद सलीम पीएफआई कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं।
बता दें कि पीएफआई की जड़ें बाबरी मस्जिद विध्वंस 1992 से जुड़ी हैं। साल 1994 में केरल में मुसलमानों ने नेशनल डेवलपमेंट फंड (NDF) की स्थापना की थी। धीरे-धीरे NDF ने केरल में अपनी जड़ें मजबूत कर लीं और समय-समय पर इस संगठन की सांप्रदायिक गतिविधियों में संलिप्तता भी सामने आई। साल 2003 में कोझिकोड के मराड बीच पर 8 हिंदुओं की हत्या में NDF के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। इन संगठनों का नाम भी हिंसक गतिविधियों में सामने आता रहा। नवंबर 2006 में दिल्ली में हुई बैठक में NDF समेत तीन संगठनों का विलय कर नया संगठन PFI बनाया गया था।












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