राजस्थान: मॉब लिंचिंग पर उम्रक़ैद, बिल विधानसभा में पास
जयपुर। अलवर मॉब लिंचिंग के मामले में देशभर में बदनाम हो चुके राजस्थान में अब इस अपराध के लिए उम्रकैद की सजा मिलेगी। इसके लिए राजस्थान विधानसभा में मॉब लिंचिंग की रोकथाम के खिलाफ लाया गया बिल सोमवार को पास हो गया है।

बता दें कि बीते मंगलवार को ही संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक 2019 विधानसभा के सदन में पेश किया था। मॉब लिंचिंग पर लगाम लगाने के मकसद से लाए गए विधेयक के अनुसार, भारत का संविधान समस्त लोगों को प्राण और दैहिक स्वतंत्रता और विधियों के समान संरक्षण के अधिकार देता है।
हाल में ऐसी अनेक घटनाएं हुई हैं, जिनके परिणामस्वरूप मॉब लिंचिंग के कारण व्यक्तियों की जीविका की हानि और उनकी मृत्यु हुई है। जाति, समुदाय, परिवार और सम्मान के नाम पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर की जाने वाली हत्या (मॉब लिंचिंग) की घटनाओं पर रोकथाम के प्रयासों के तहत राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक 2019 लाया गया है।

ये हैं प्रावधान
इसमें लिंचिंग की घटनाओं में पीड़ित की मौत पर दोषी को कठोर आजीवन कारावास और एक से पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। विधेयक में प्रस्ताव किया गया है कि मॉब लिंचिंग के मामलों में पीड़ित के चोट लगने की स्थिति में दोषी को अधिकतम 10 साल तक का कारावास व तीन लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकेगा।
मॉब लिंचिंग की घटनाओं का षड्यंत्र रचने, षड्यंत्र रचने में शामिल होने या घटना में शामिल होने पर भी 10 साल जेल की सजा का प्रावधान है। बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने 17 जुलाई को अपने निर्णय में इस संबंध में कानून बनाने की सिफारिश की थी। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 16 जुलाई को बजट भाषण के जवाब के दौरान 'मॉब लिंचिंग' और 'ऑनर किलिंग' को रोकने के लिए कानून बनाने की घोषणा की थी।












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