खड़गे की लिखित रिपोर्ट माकन के दावों से अलग, अशोक गहलोत से नाराज नहीं सोनिया

जयपुर, 28 सितंबर। राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच कांग्रेस हाईकमान की ओर से विधायकों से रायशुमारी करने आए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन और मलिकार्जुन खड़गे ने सोनिया गांधी को 9 पन्नों की लिखित रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी है। खास बात यह है कि इस रिपोर्ट में राजस्थान के सियासी मामले की एक बेहतर छवि पेश की गई है। यह रिपोर्ट जयपुर में घटित सियासी घटनाक्रम के बाद अजय माकन द्वारा किए गए तमाम दावों से बिल्कुल अलग है। रिपोर्ट में तर्क दिया गया कि पार्टी के विधायकों द्वारा त्यागपत्र देने की धमकी बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन इस बात का संतोष है कि गहलोत के विद्रोह में कोई भूमिका नहीं थी। इस रिपोर्ट के बाद कांग्रेस हाईकमान के हालात बदल गए हैं। अशोक गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भी भर सकते हैं। पार्टी हाईकमान द्वारा उन्हें इस बात का आश्वासन दिया जा सकता है कि गहलोत की पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी होंगे। उनके सिवाय पार्टी किसी और को अपना अधिकृत प्रत्याशी नहीं बनाएगी।

ashok gahlot

सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं अशोक गहलोत

सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार की शाम दिल्ली पहुंच सकते हैं। दिल्ली दौरे के दौरान अशोक गहलोत सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। इस बात की भी पूरी संभावना है कि अशोक गहलोत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करा दें। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से गहलोत की लगातार बातचीत हो रही है। राजस्थान में रविवार को हुए घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी के पास अपना पक्ष भी रखा है।

मल्लिकार्जुन खड़गे की रिपोर्ट माकन के दावों से अलग

मल्लिकार्जुन खड़गे की रिपोर्ट माकन के दावों से अलग

राजस्थान की सियासी घटनाक्रम पर मलिकार्जुन खड़गे की रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन के दावों से बिल्कुल अलग है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से 10 जनपथ स्थित आवास पर बातचीत करने के बाद अजय माकन ने पत्रकारों से बात करते हुए यह दावे किए थे। राजस्थान के घटनाक्रम के बाद अशोक गहलोत दोनों पर्यवेक्षकों से मिलने होटल मैरियट पहुंचे थे। अजय माकन गहलोत से बिना मिले होटल से चले गए। जबकि खड़गे ने उन्हें सलाह दी थी कि यदि दोनों गहलोत की बात सुने तो बेहतर होगा। लेकिन अजय माकन ने मलिकार्जुन खड़गे की बात नहीं मानी। प्रदेश के घटनाक्रम पर अजय माकन की भूमिका को भी संदेहास्पद माना गया है। माकन की भूमिका को लेकर गहलोत समर्थक विधायक भी सवाल उठा रहे हैं।

खड़गे की रिपोर्ट के बाद शांत हुआ सोनिया का गुस्सा

खड़गे की रिपोर्ट के बाद शांत हुआ सोनिया का गुस्सा

पार्टी की सीनियर लीडर अंबिका सोनी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राजस्थान के घटनाक्रम को लेकर बेहद नाराज थी। लेकिन खड़गे की रिपोर्ट पढ़ने के बाद अशोक गहलोत की भूमिका को लेकर उनका गुस्सा शांत हो गया है। अंबिका सोनी भी राजस्थान के घटनाक्रम को लेकर व्यथित थी। लेकिन खड़गे से बात करने के बाद उन्होंने अपना मानस बदल लिया। अंबिका सोनी ने कहा कि गहलोत ने वास्तव में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत नहीं की है। वे सोनिया गांधी के संपर्क में है।

सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद अध्यक्ष पद की ताल ठोक सकते हैं गहलोत

सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद अध्यक्ष पद की ताल ठोक सकते हैं गहलोत

कांग्रेस पार्टी के सूत्रों की माने तो अशोक गहलोत अभी कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव की रेस से बाहर नहीं हुए हैं। क्योंकि नामांकन भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर आने में अभी वक्त है। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बातचीत के बाद अशोक गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोक सकते हैं। अभी भी अशोक गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। हालांकि पार्टी के सीनियर नेता गहलोत को पार्टी अध्यक्ष बनाने को लेकर विभाजित हैं। नेताओं का तर्क है कि जो व्यक्ति अपने राज्य में समर्थकों को नियंत्रित नहीं कर सका। वह अन्य राज्यों में ऐसी समस्याओं का समाधान करने में विफल रहेगा।

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