Karnataka Result 2023: भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा पर कैसे भारी पड़े मल्लिकार्जुन खड़गे, दिलचस्प है कहानी
कर्नाटक विधानसभा चुनावों के असर राजनीति के कई दिग्गजों पर असर दिख रहे हैं। इस चुनाव के नतीजों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भारी पड़े हैं।

Karnataka Result 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा की तमाम कोशिशों के बावजूद कांग्रेस ने प्रचंड जीत हांसिल कर बहुमत प्राप्त कर लिया है। कांग्रेस ने इस जीत के साथ विपक्षी दलों के बीच एक बार फिर अपना अलग मुकाम बना लिया है। इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे सबसे ज्यादा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर भारी पड़े हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हिमाचल प्रदेश से आते हैं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। वही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक के रहने वाले हैं। हालांकि यहां भी भाजपा को हार का सामना ही करना पड़ा। लेकिन बतौर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने राजनीतिक कैरियर में बड़ी जीत दर्ज की है।
खड़गे ने बचा लिया अपना गढ़
मल्लिकार्जुन खड़गे 19 अक्टूबर 2022 को कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। इसी साल में नवंबर माह में हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए थे। कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में जीत दर्ज की थी। इसके बाद अब कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने अपने गृह राज्य में जीत हांसिल की है। जबकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को खुद के गृहराज्य में हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद जेपी नड्डा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा था। इस दौरान जेपी नड्डा को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाए जाने की चर्चा भी चली थी। लेकिन बाद में भाजपा ने उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया।
गुटबाजी को हावी नहीं होने दिया
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में तमाम गतिरोध के बावजूद कांग्रेस ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा। यह सबसे अहम वजह रही कि यहां कांग्रेस में जीत हांसिल की है। सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के एक-दूसरे के धुर विरोधी होने के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे उनको एक करने में सफल रहे। कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत के साथ कर्नाटक चुनाव में जीत हासिल की। जबकि जेपी नड्डा अपने गृहराज्य में गुटबाजी रोकने में नाकाम रहे। हिमाचल प्रदेश चुनाव में भाजपा की हार की सबसे बड़ी वजह यही गुटबाजी बनकर उभरी। यहां तक की जेपी नड्डा की खुद की विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के बागी उम्मीदवार ने चुनाव लड़ा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के समर्थकों ने बागी होकर चुनाव लड़े। इससे भाजपा वहां हार गई तमाम कोशिशों के बावजूद जेपी नड्डा हिमाचल प्रदेश में गुटबाजी रोकने में असफल रहे।












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