Jaipur Tanker Blast Reason: जयपुर में LPG गैस से भरा टैंकर अचानक कैसे बना आग का गोला? हादसे की वजह आई सामने
Jaipur Tanker Blast Reason: जयपुर-अजमेर हाईवे पर भांकरोटा के पास दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने एलपीसी गैस से भरे टैंकर में शुक्रवार सुबह 5.44 बजे में धमाका हो गया। जयपुर टैंकर हादसे में 8 लोग जिंदा जल गए। 40 अन्य वाहन जल गई। 35 लोग झुलसे हैं। हादसे की चौंकाने वाली वजह सामने आई है।
मीडिया से बातचीत में गेल इंडिया लिमिटेड के DGM (फायर एंड सेफ्टी) सुशांत कुमार सिंह ने बताया कि टैंकर में LPG गैस भरी हुई थी। टैंकर को लोडेड कंटेनर ने टक्कर मार दी थी, जिसके बाद लिक्विड रूप में भरी एलपीजी गैस टैंकर से बाहर निकल गई थी। हवां, सड़क और जमीन पर फैलती चली गई।
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सुशांत कुमार सिंह की मानें तो जयपुर गैस टैंकर हादसे में टैंकर के साथ-साथ आस-पास का पूरा इलाका आग का गोला (फायर बॉल) बनने की वजह यह है कि टक्कर के बाद टैंकर से बाहर आई एलपीजी ने हवा में ऑक्सीजन के सम्पर्क में आते ही अपने आप आग पकड़ ली।
जयपुर अग्निकांड: 18 टन एलपीजी गैस भी थी टैंकर में
गेल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, टैंकर में 18 टन एलपीजी गैस थी। टक्कर के कारण पांच नोजल टूट गए, जिससे गैस आसपास के इलाके में फैल गई और आग लग गई। गेल के डीजीएम (फायर एंड सेफ्टी) सुशांत कुमार सिंह ने बताया कि टक्कर से निकली चिंगारी से आग लगी।

जयपुर टैंकर हादसा कैसे हुआ?
यह घटना सुबह करीब 5:44 बजे हुई जब टैंकर अजमेर की ओर यू-टर्न ले रहा था। जयपुर से आ रहे एक ट्रक ने उसे टक्कर मार दी, जिससे तत्काल विस्फोट हो गया। आग ने स्लीपर बस और पास की पाइप फैक्ट्री सहित 40 से अधिक वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। सुरक्षा चिंताओं के कारण राजमार्ग को बाद में बंद कर दिया गया।
विस्फोट के बाद बड़े पैमाने पर गैस रिसाव के कारण बचाव अभियान को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। घटनास्थल पर 30 से अधिक एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भेजी गईं। सभी घायलों को इलाज के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल ले जाया गया।

जयपुर टैंकर हादसा स्थल पर पहुंचे राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्थिति का आकलन करने के लिए घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों को प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। गैस रिसाव और विस्फोट के पूरे प्रभाव का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। स्थानीय अधिकारी भांकरोटा क्षेत्र के निवासियों को धुएं के कारण घर के अंदर रहने की सलाह दे रहे हैं।
विस्फोट इतना तीव्र था कि इसकी आवाज दूर से सुनी जा सकती थी, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। घटनास्थल के पास खड़े वाहन कुछ ही मिनटों में पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आस-पास की इमारतों से लिए गए हवाई फुटेज में घटना के एक घंटे बाद भी आग की लपटें जारी दिख रही थीं।

जयपुर ट्रैंकर आगजनी के बाद अजमेर हाईव जाम
दुर्घटना के कारण अजमेर हाईवे पर यातायात रोक दिया गया है, जबकि बचाव कार्य जारी है। प्रभावित लोगों का बहुत सारा सामान सड़क पर बिखरा हुआ मिला, जिसमें सुरेंद्र सिंह चौहान का रजिस्ट्रेशन कार्ड भी शामिल है। यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं कि जले हुए वाहनों में कोई फंसा न रहे।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि गैस की तेज़ गंध के कारण पीड़ितों तक पहुँचने में उन्हें कठिनाई हो रही थी। आग की तीव्रता इतनी भयंकर थी कि ऊपर उड़ रहे पक्षी भी आग की लपटों में फँस गए। अधिकारी इस बात की अलग-अलग जाँच कर रहे हैं कि इस आपदा के प्रभाव कितने दूरगामी हो सकते हैं।
इस त्रासदी में केवल जले हुए अवशेष बचे हैं, जो कभी वाहन हुआ करते थे, कुछ इमारतें पूरी तरह से लोहे के फ्रेम में तब्दील हो गई हैं। बचाव दल अथक परिश्रम कर रहे हैं, वे इस भयावह घटना से बचे मलबे के बीच जीवित बचे लोगों की तलाश जारी रखते हैं।












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