Congress President Election : अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बने तो कितनी बदल जाएगी राजस्थान की सियासी तस्वीर?
जयपुर, 21 सितम्बर। भारत की सबसे पुरानी पॉलिटिकल पार्टी कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के चंद दिन शेष हैं। राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। केरल से शशि थरूर के भी कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव 2022 में भाग्य आजमाने की खबरें सामने आ रही हैं। अगर अशोक गहलोत के हाथों में कांग्रेस की कमान आती है तो राजस्थान की सियासी तस्वीर में काफी कुछ बदल जाएगा।
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गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर वर्षों से गांधी परिवार का कब्जा रहा है। बीते 44 साल में पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव के कार्यकाल को छोड़कर गांधी परिवार ने पांच बार अध्यक्ष दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष बनने वालों में इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी व राहुल गांधी तक शामिल हैं। अब अगर अशोक गहलोत अध्यक्ष बनते हैं तो यह भी रिकॉर्ड ही होगा कि एक लंबे समय के बाद कांग्रेस को गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष मिला है।

बढ़ जाएगा सचिन पायलट का कद?
राजस्थान की सियासत में पिछले तीन साल से काफी उथल पुथल चल रही है। सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट गुट के बीच खींचतान किसी से छुपी हुई नहीं है। राजस्थान सियासी संकट 2020 के चलते सचिन पायलट से न केवल डिप्टी सीएम बल्कि राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद तक छीन लिया गया था। अब अशोक गहलोत के केंद्र में आ जाने से अगर यह खाली जगह सचिन पायलट से भरी गई तो सचिन पायलट का राजस्थान की राजनीति में कद और भी बढ़ जाएगा। वैसे भी सचिन पायलट गुट के कई विधायक ये मांग उठा चुके हैं कि अशोक गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष चुना जाता है तो सचिन पायलट को सीएम बनाया जाए।

क्या राजस्थान सीएम गहलोत ही रहेंगे?
अशोक गहलोत अगर कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो इसके बाद वे राजस्थान सीएम का पद छोड़ेंगे या नहीं इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। सोमवार रात विधायक दल की बैठक के बाद राजस्थान के कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह ने तो यहां तक कहा कि सीएम तो गहलोत ही रहेंगे। उन्होंने विधानसभा के बाहर यह भी कहा कि अशोक गहलोत सीएम और राष्ट्रीय अध्यक्ष दोनों पदों पर रहेंगे। हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष अभी वो बने नहीं हैं।

तो गहलोत को छोड़ना पड़ेगा सीएम पद
बुधवार शाम को अशोक गहलोत ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की है। दिल्ली आने के बाद अशोक गहलोत ने यह संकेत भले ही दिया हो कि वे कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ साथ राजस्थान सीएम भी बने रहेंगे, मगर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह की मानें तो अशोक गहलोत को अध्यक्ष बनने की स्थिति में सीएम पद छोड़ना होगा। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि गहलोत अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होग, क्योंकि राजस्थान के उदयपुर में ही कांग्रेस के चिंतन शिविर में यह रिजोल्युशन पास हुआ था कि एक व्यक्ति सिर्फ एक पद पर रहेगा।

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव कार्यक्रम
- 22 सितम्बर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी होगा।
- 24 से 30 सितम्बर तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे।
- 1 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी।
- 8 अक्टूबर को नामांकन वापस लेने की आखिरी तिथि होगी।
- अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार हुए तो मतदान होगा।
- यदि उम्मीदवार एक ही है तो 8 अक्टूबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष की घोषणा होगी।
- एक से ज्यादा उम्मीदवार होने पर सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के स्तर पर वोटिंग होगी।
- 19 अक्टूबर को मतगणना होगी। उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।
- करीब 9 हजार कांग्रेस डेलिगेटस अध्यक्ष के चुनाव के लिए मतदान करेंगे।

अशोक गहलोत अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे क्यों?
राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत को सियासत का जादूगर भी कहा जाता है। कई मौके पर गहलोत ने कांग्रेस के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई है। अशोक गहलोत न केवल सोनिया गांधी बल्कि राहुल गांधी के भी करीबी नेताओं में से एक हैं। इन्हें केंद्र व संगठन में 40 साल का अच्छा खासा अनुभव है। गांधी परिवार के प्रति वफादारी भी जगजाहिर है।












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