दुबई से सोना क्यों लाते हैं लोग? जानिए 3 चौंकाने वाली वजह व एयरपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी के नियम
जयपुर, 29 दिसम्बर। सोना माने दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में से एक। हर कोई शख्स अपने 'खजाने' में सोना जरूर रखना चाहता है। घरेलू बाजारों में सोने के भावों में उतार-चढ़ाव के अलावा अक्सर सुर्खियां बनती हैं कि फलां एयरपोर्ट पर सोना पकड़ा। यात्री उसे शातिराना अंदाज में छुपाकर ला रहा था। फिर सोने की इस तस्करी के तार जुड़ते हैं सीधे दुबई या नोर्थ ईस्ट की किसी कंट्री से।

दुबई से ज्यादा होती है सोने की तस्करी
अब सवाल यह उठता है कि जब एयरपोर्ट पर जांच के दौरान सोना पकड़ा ही जाता है कि तो दुबई से सोना लेकर ही क्यों आते हैं? इसका जवाब सोने के भावों पर नजर रखने वालों और जयपुर में सांगानेर एयरपोर्ट के सहायक आयुक्त भारत भूषण अटल से बातचीत में मिलता है।

जयपुर एयरपोर्ट पर दिसम्बर में चार मामले
13 दिसंबर : काली मिर्च के एक पैकेट में गोल्ड बिस्किट मिले थे।
20 दिसंबर : सूटकेस के पहियों में छुपाकर लाया गया गोल्ड पकड़ा गया था।
24 दिसंबर : शेविंग ट्रिमर में से 5 गोल्ड बिस्किट बरामद हुए थे।
29 दिसंबर : 55 साल की महिला अंडरगारमेंट में छुपाकर लाई 30 लाख 64 हजार का सोना।

दुबई से सोना लाने की वजह नंबर एक
दुबई से सोने की तस्करी की सबसे बड़ी वजह में से एक भावों में अंतर है। उदाहरण से समझिए कि 1 ग्राम सोने की रेट 216.00 AED और 10 ग्राम की रेट 2160 AED है। इसे अगर भारतीय मुद्रा के हिसाब से कन्वर्ट करें तो यह 44107 रुपए पड़ता है। यानी दुबई से खरीदा गया सोना करीब 44 हजार के भाव से मिलता है, जबकि भारत में इसकी रेट ज्यादा है। भारत में अभी सोने की रेट की बात करें तो यहां 49 हजार रुपये के करीब भाव हैं। ऐसे में प्रति 10 ग्राम पर करीब 6 हजार रुपये का फायदा होता है।

दुबई से सोना लाने की वजह नंबर दो
यह बात किसी छुपी हुई नहीं है कि दुबई में दुनिया का सबसे शुद्ध गोल्ड मिलता है। इसका मतलब ये है कि अगर कोई शख्स दुबई से 22 कैरेट का सोना लाता है वह उसे भारत में 24 कैरेट के रेट में बेच सकता है। ऐसे में हर 10 ग्राम पर 8000 रुपए का फायदा होता है।

दुबई से सोना लाने की वजह नंबर तीन
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में जयपुर एयरपोर्ट पर सहायक आयुक्त भारत भूषण अटल बताते हैं कि दुबई व नोर्थ ईस्ट के देशों से सोने की तस्करी के अधिकांश मामलों में कामगार शामिल होते हैं, जो खाड़ी देशों में कमाने जाते हैं और वापसी किसी थर्ड पार्टी (तस्कर) के चंद रुपयों के लालच में अपने साथ उसका लाखों का सोना भी छुपाकर ले आते हैं।

जयपुर एयरपोर्ट पर कैसे पकड़े जाते हैं?
सहायक आयुक्त अटल के अनुसार बाहर की किसी भी फ्लाइट से आने वाले यात्रियों की मेटल डिटेक्टर समेत कई तरीकों से जांच की जाती है। संवेदनशील देशों से आने वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखी जाती है। जांच के दौरान अंडरगारमेंट, टॉर्च, जूते-चप्पल, बैग समेत सामान में छुपाया सोना पकड़ा जाता है। सोना छुपाकर लाने का मतलब होता है कि वह शख्स कस्टम ड्यूटी की चोरी कर रहा है।

दुबई से सोना कैसे लाएं?
ऐसा नहीं है कि दुबई या अन्य किसी देश से सोना लाया ही नहीं जा सकता है। इसके लिए कस्टम विभाग के बाकायदा नियम बने हुए हैं। यात्री को एक डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर और निर्धारित कस्टम ड्यूटी चुकाकर एक किलोग्राम तक सोना अपने साथ ला सकता है। कस्टम ड्यूटी की गणना यात्री के विदेश में बिताए समय और सोने की मात्रा आदि के आधार पर तय होती है।












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