गहलोत सरकार ने मनरेगा में मजदूरी बढ़ाई, जोधपुर में खुलेंगे ये कार्यालय
जयपुर, 4 सितम्बर। राजस्थान की गहलोत सरकार ने प्रदेश के मनरेगा मेट की मजदूरी में बढ़ोतरी की है। अब प्रदेश में कार्यरत मेटों के प्रति दिन 240 रुपये मिलेंगे। वर्तमान में मेट को 235 रुपये दिए जाते थे। सीएम अशोक गहलोत ने मजदूरी बढ़ाने के ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मनरेगा के तहत भारत सरकार के निर्देशानुसार अर्धकुशल श्रमिकों मेट पर किए जाने वाले व्यय को सामग्री की श्रेणी में माना जाता है। सामग्री व्यय का 75 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 24 प्रतिशत हिस्सा द्वारा वहन किया जाता है। जबकि केंद्र सरकार प्रत्येक राज्य के लिए प्रतिवर्ष अकुशल श्रमिक की मजदूरी दर अधिसूचित करती है।

राज्य सरकार वहन करेगी अतिरिक्त वित्तीय भार
अकुशल श्रमिक के भुगतान की संपूर्ण राशि श्रम मद में केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाती है। इस प्रकार मेट को देय प्रति दिवस मजदूरी में वृद्धि से राज्य सरकार को अतिरिक्त वित्तीय भार वहन करना होगा। राजस्थान सरकार द्वारा मेट की मजदूरी बढ़ाने का यह निर्णय वर्ष 2022-23 के लिए है। सीएम गहलोत ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी सीएम गहलोत ने मनरेगा मजदूरों के हित में राहत भरे निर्णय लिए थे। कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाई थी।
नए कार्यालय और पद भी स्वीकृत
सीएम अशोक गहलोत ने दूसरे अहम निर्णय में जोधपुर के पांच ब्लाक में बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय खोलने का निर्णय लिया है। सीएम गहलोत ने नए कार्यालय खोलने और 25 नवीन पद स्वीकृत करने के लिए सहमति प्रदान की है। इस स्वीकृति से जिले के पीपाड़ शहर, लोहावट, देंचू, सेंखला और बापनी में कार्यालय संचालित होंगे। कार्यालय से क्षेत्र के 6 साल के बच्चों को पोषण सामग्र मिलेगी। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य की जानकारी दी जाएगी। आवश्यक टीकाकरण भी किया जाएगा। किशोरियों को संपूर्ण विकास के बारे में बताया जाएगा।












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